एक मई से जेल में बंद जालसाज शैलेंद्र अग्रवाल की धोखाधड़ी का एक और बड़ा किस्सा सामने आया है। उसने कई लोगों को मिड डे मील में बंटने वाली पंजीरी का प्लांट लगवाने का लालच देकर उनसे करोड़ों रुपये ठग लिए। इसके लिए उसने बाकायदा अपना एक पंजीरी प्लांट लगवाया था। इसे ही दिखाकर उसने लोगों को अपने झांसे में लिए।
इन लोगों ने रविवार को एक स्कूल में मीटिंग की। इनका कहना है कि सपा की सरकार बनते ही शैलेंद्र ने कहना शुरू कर दिया था कि वह आवास विकास परिषद का अध्यक्ष बनने जा रहा है। लेकिन लालबत्ती के लिए उसे काफी पैसा खर्च करना पड़ेगा।
शासन से अपने काम निकलवाने के लिए लोगों ने उसे पैसा देना शुरू कर दिया। वह उनसे लखनऊ में हजरतगंज के पास एक होटल में मिलता था। उसने बताया कि शासन ने उसका पंजीरी लगाने का प्लांट मंजूर किया है। इसमें मोटी कमाई है। उसने अरतौनी में एक प्लांट लगवाया। इसके बाद लोगों से कहा कि ऐसे कई प्लांट लगाए जाने हैं। मोटी कमाई के चक्कर में लोग उसकी बातों में आ गए। उसने शासन में देने के नाम पर मोटी रकम ऐंठ ली। इसके बाद धेला भी वापस नहीं किया।
15 जुलाई से भूख हड़ताल करेंगे
आगरा। खुद को शैलेंद्र अग्रवाल की जालसाजी का पीड़ित बता रहे लोगों में सुधीर जैन, कपिल, रमेश, राजेंद्र शामिल हैं। इनका कहना है कि वे 15 जुलाई से कलेक्ट्रेट में भूख हड़ताल पर बैठेंगे। इनका आरोप है कि पुलिस शैलेंद्र गैंग के बाकी सदस्यों को गिरफ्तार नहीं कर रही है।
आयकर विभाग का डर..
इन लोगों का कहना है कि उनमें से ज्यादातर ऐसे हैं जो आयकर विभाग के डर से मुकदमे दर्ज नहीं करा रहे हैं। इसके अलावा कई लोगों में शैलेंद्र के गिरोह के फरार सदस्यों का डर है। अगर ये पकड़े जाएं तो कई और केस दर्ज कराए जाएंगे। गौरतलब है कि शैलेंद्र पर 30 केस दर्ज हो चुके हैं।