आगरा के एक अस्पताल में कार्यरत युवती के खाते से किशोर ने 72 हजार रुपये निकाल लिए। जांच में खुलासा होने पर पुलिस ने किशोर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी भी अस्पताल में काम करता था। किशोर ने युवती के खाते की जानकारी ली और पेटीएम से रकम ट्रांसफर कर ली। युवती के मोबाइल फोन में आने वाले ओटीपी और रकम निकलने के मैसेज को वह डिलीट कर देता था।
सिकंदरा क्षेत्र निवासी युवती ने एसएसपी बबलू कुमार से शिकायत की। उन्होंने कहा कि वह एक अस्पताल में रिसेप्शनिस्ट का कार्य करती है । उसका खाता केनरा बैंक की शाखा में है। उसके खाते से एक अक्तूबर से 11 दिसंबर के बीच 72 हजार रुपये ऑनलाइन निकाल लिए गए हैं, जबकि उसने न तो किसी को खाते की जानकारी दी और न ही ओटीपी बताया । उसके पास कोई कॉल भी नहीं आया था। बैंक पहुंचने पर खाते से रकम निकलने की जानकारी हुई।
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मामले की जांच साइबर सेल को दी गई। साइबर सेल ने बैंक से संपर्क किया। इसमें पता चला कि उनके खाते से पेटीएम के माध्यम से रकम निकाली गई है। रकम युवती के परिचित किशोर ने निकाली थी। उसने युवती के खाते और पिन नंबर की जानकारी ले ली थी और ई-वॉलेट से रकम ट्रांसफर करता था। पुलिस ने आरोपी किशोर को पकड़ लिया और उससे रकम वापस भी करवा दी।
कर्ज चुकाने के लिए बन गया अपराधी
पुलिस की पूछताछ में आरोपी किशोर ने बताया कि उस पर कर्ज हो गया है। उसने कर्जा चुकाने के लिए युवती के खाते से रकम निकालने का प्लान बनाया था। किशोर की हरकत का खुलासा होने पर पीड़ित युवत और अस्पताल स्टाफ के लोग भी हैरान रह गए।