एसएसपी ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया
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होलीगेट पर कोयला वाली गली में सराफा व्यापारी की दुकान पर लूट उनके एक पुराने नौकर ने ही कराई थी। आत्महत्या करने वाला रूपेश मयंक के यहां एक साल पहले नौकरी कर चुका था। उसने ही रंगा और उसके पूरे गैंग को जानकारी भी दी थी। एसएसपी ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पुलिस की पूछताछ में राकेश उर्फ रंगा ने यह कबूल किया है।
शहर के बीचों बीच 15 मई को कोयला वाली गली में मेघ अग्रवाल और विकास अग्रवाल की हत्या करके चार करोड़ का सोना लूट लिया गया था। पुलिस ने इस मामले में राकेश उर्फ रंगा और उसके दो भाइयों समेत छह बदमाशों को गिरफ्तार करके वारदात का खुलासा कर दिया था। लेकिन लूटा गया सोना बरामद नहीं हो सका।
इसके लिए पुलिस ने राकेश उर्फ रंगा और उसके छोटे भाई कामेश उर्फ चीनी को रिमांड पर लिया था। रिमांड में राकेश उर्फ रंगा ने पुलिस को बताया कि मयंक की दुकान पर काम कर चुका आगरा निवासी रूपेश उनका दोस्त था। रूपेश ने ही उन्हें बताया था कि मयंक की दुकान पर हर वक्त पांच से छह करोड़ का सोना रहता है। कैश भी काफी होता है।
दिल्ली का कारोबारी मेघ अग्रवाल भी हर सोमवार को यहां आता है। उसके पास भी पैसा रहता है। लिहाजा बदमाशों ने वारदात के लिए सोमवार का ही दिन चुना था। एसएसपी विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि आत्महत्या करने वाले रूपेश ने ही बदमाशों को मयंक की दुकान दिखाई थी।