मथुरा के बहुचर्चित हत्याकांड में शामिल एक आरोपी ने अपने रिश्तेदार के घर पर खुदकुशी कर ली। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। माना जा रहा है कि पकड़े जाने के डर से आरोपी टूट गया और जान दे दी।
बता दें बीती 15 मई को मथुरा की कोयला वाली गली में सराफा विकास अग्रवाल और मेघ अग्रवाल की हत्या कर दी थी। विकास की दुकान पर आए आठ हमलावर चार करोड़ का सोना भी लूट कर ले गए। इस हत्याकांड ने पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
पुलिस ने कुख्यात बदमाश राकेश उर्फ रंगा और उसके दो भाइयों समेत छह बदमाशों को दबोच कर घटना का खुलासा किया। विकास की दुकान से मिले सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिए दो अन्य बदमाश अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर थे। इनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रहीं थीं।
इन दो आरोपियों में रूपेश यादव पुत्र भगवान सिंह का नाम सामने आया था।
मूलरूप से आगरा के बिचपुरी, थाना जगदीशपुरा निवासी रूपेश मथुरा के शास्त्री नगर में परिवार के साथ रहता था। वह मथुरा में कपड़े की दुकान पर काम करता था। पिता हलवाई हैं।
पुलिस के अनुसार 14 मई को रूपेश दुकान से ही लापता हो गया था। उसके रिश्ते की मौसी बीना आगरा के आवास विकास सेक्टर एक में किराए पर रहती हैं। 18 मई को वह उनके यहां आकर रहने लगा। 25 मई को उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची जगदीशपुरा पुलिस ने रूपेश की मौसी से पूछताछ की।
सीओ लोहामंडी श्यामकांत ने बताया कि रुपेश के पिता भगवान सिंह ने पूछताछ में बताया कि रूपेश का नाम मथुरा के सराफ लूट और हत्याकांड में आ गया था। मथुरा पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। गिरफ्तारी के डर से वह टूट गया और उसने फांसी लगाकर जान दे दी।