बदमाश बिना किसी खौफ के आजकल गैस एजेंसियों के गोदामों को दिन दहाड़े अपना निशाना बना रहे हैं क्योंकि वहां दोपहर बाद वैंडर पैसा जमा करने आते हैं और सुरक्षा का कोई बंदोबस्त नहीं होता।
23 मई को हापुड़ देहात थाना क्षेत्र में इंडेन गैस के गोदाम पर बाइक सवार तीन बदमाशों ने दिन दहाड़े करीब दो बजे धावा बोलकर एजेंसी के कर्मचारियों से 58 हजार रुपये लूटे और फरार हो गये थे। पुलिस इन बदमाशों का पता लगाने में नाकाम रही है।
इससे पहले धौलाना की एक गैस एजेंसी के गोदाम से इसी तरह 5 हजार रुपये लूट लिए गये थे। 26 मई को गाजियाबाद जिले के भोजपुर कस्बे में हनापुड़ रोड़ से करीब 300 मीटर की दूरी पर अपराह्न
करीब दो बजे बाइक सवार तीन बदमाशों ने इंडेन गैस के गोदाम पर धावा बोलकर वहां तैनात तीन कर्मचारियों से 22 हजार रुपये, तीनों के मोबाइल लूट लिए। इतना ही नहीं जाते समय तीन कर्मचारियों के हाथ पैर बांधकर बदमाश बाहर से गोदाम का ताला भी लगा गए।
वहां गनमैन अवकाश पर था तथा सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे थे। कुल मिलाकर इस वारदात में शामिल बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा। उल्लेखनीय है कि दोनों जिलों की वारदात लगभग एक ही समय पर एक ही अंदाज में हुई है
जिससे माना रहा है कि कोई गैंग ऐसा सक्रिय हुआ है जिसका निशाना गैस एजेंसियों के गोदाम है। पुलिस के लिए इन बदमाशों को पकडना एक चुनौती बना हुआ है। वहीं गैस एजेंसियों के मालिकों की लापरवाही भी सामने आयी है।
दरअसल गैस एजेंसियों के आफिस तो आबादी वाले क्षेत्र में होते हैं लेकिन गोदाम आबादी से काफी दूर वीरान इलाके में होते हैं। ऐसे में वैण्डरों से गोदामों पर पैसा एकत्रित किया जाना तो बदमाशों को लूट का खुला आमंत्रण देना है। इसी का लाभ बदमाश उठा रहे हैं जबकि यह पैसा एजेंसी के कार्यालय पर एकत्रित किया जा सकता है।
इस संबंध में सीओ सिटी शैलेन्द्र सिंह राठौर का कहना है कि वह पहले ही सभी चौकी प्रभारियों के माध्यम से गैस एजेन्सी के मालिकों को हिदायत दे चुके हैं कि गोदाम पर पैसा एकत्रित नहीं कराएं बल्कि आफिस पर ही पैसा लिया जाए।
उनका कहना है कि गैस एजेंसियों के गोदामों पर वारदात करने वाले गैंग के बारे में सूचनाएं एकत्रित की जा रही हैं। उम्मीद है कि जल्द सफलता मिल जायेगा।