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एडीए में मनोज गोयल के दो पेट्रोल पंपों की फाइल गायब

Fri, 03 Mar 2017 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
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100 करोड़ की तेल चोरी के मुख्य आरोपी मनोज गोयल - फोटो : अमर उजाला
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मथुरा रिफाइनरी से 100 करोड़ की तेल चोरी के मास्टरमाइंड तेल कारोबारी मनोज गोयल के दो पेट्रोल पंपों की फाइल आगरा विकास प्राधिकरण से गायब हो गई हैं। इससे इन पेट्रोल पंपों का ब्यौरा नहीं मिल पा रहा है। सिर्फ यही दोनों पेट्रोल पंप अकेले मनोज के नाम हैं। बाकी पांच साझेदारी में हैं। इनमें से भी दो पर प्राधिकरण ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। तोता का ताल स्थित पेट्रोल पंप पर तो जल्द कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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रिफाइनरी के तेल चोरी के सनसनी खुलासे के बाद पुलिस और प्रशासन ने मनोज गोयल पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रशासन के निर्देश पर प्राधिकरण ने मनोज और उसके साझेदारों के पेट्रोल पंपों की फाइलें खंगालना शुरू किया। इसमें गांधी नगर स्थित मैसर्स झलक फ्यूल्स रिटेल आउटलेट और मघटई, बोदला रोड स्थित मैसर्स सूर्यम फ्यूल्स रिटेल आउटलेट की फाइल नहीं मिली है। इससे यह पता नहीं चल पा रहा है कि उक्त पेट्रोल पंपों के मानचित्र स्वीकृत हैं या नहीं। साथ पेट्रोल पंपों से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जानकारी नहीं हो पा रही। बता दें कि मनोज गोयल और उसके साझेदारों के नाम जिले में सात पेट्रोल पंप हैं, इनमें से प्राधिकरण के पास सिर्फ मनोज के नाम वाले पेट्रोल पंपों की फाइल गायब है। वहीं, मनोज गोयल और स्टेट बैंक कालोनी (जयपुर हाउस) अतुल गर्ग के नाम से तोता का ताल स्थित मैसर्स मां वैष्णो फ्यूल्स रिटेल आउटलेट की फाइल फिर से खुलने जा रही है। बता दें कि मानचित्र स्वीकृत न होने पर इसे पिछले साल सील करने के निर्देश थे। बाद में इसके प्रस्ताव को प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में रखा गया। यहां तीन सदस्यीय कमेटी द्वारा जांच कराए जाने का फैसला हुआ। मगर, इस कमेटी की जांच अब तक नहीं हो पाई है। ऐसे में पूर्व के आदेश पर अमल करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पहले पंप संचालक को नोटिस दिया जाएगा। मारुति एस्टेट स्थित पेट्रोल पंप को भी पूर्व में सील किया जा चुका है लेकिन हाईकोर्ट के स्टे के चलते प्राधिकरण को बैकफुट पर आना पड़ा था। अब इस मामले में भी कोर्ट में पैरोकारी की तैयारी की जा रही है। उपसचिव सुनीता यादव के अनुसार, मनोज से जुड़े मामलों की दो फाइल नहीं मिल रही हैं। ये फाइलें काफी पुरानी थीं।

कर्मचारियों की मिलीभगत!
प्राधिकरण में मनोज गोयल की अच्छी-खासी घुसपैठ थी। उसके काम चुटकियों में हो जाते थे। ऐसे में उससे जुड़े दोनों पेट्रोल पंपों की फाइल गायब होने में विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत हो सकती है।
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इन पेट्रोल पंपों की भी जा रही जांच
. मैसर्स कृषि सेवा केंद्र रिटेल आउटलेट, खेड़ा जाट, फतेहपुर सीकरी
पार्टनर- मनोज गोयल और रुचि गोयल (मनोज की पत्नी)
. मैसर्स मनु फ्यूल्स रिटेल आउटलेट, मुगल रोड, कमला नगर
पार्टनर-मनोज गोयल और रुचि गोयल (मनोज की पत्नी)
. मैसर्स एमजी फ्यूल्स रिटेल आउटलेट, नवलगंज, नुनिहाई
पार्टनर- रुचि गोयल और अंजली गोयल (मुकेश गोयल की पत्नी)
. मैसर्स एमजी छलेसर फ्यूल्स आउटलेट, छलेसर
पार्टनर- मनोज गोयल और मुकेश गोयल
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