अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजाबाद । अवैध संबंधों के चलते युवक दीपक को जिंदा जलाने के मामले में मृतक के पिता ने आरोपी पिता-पुत्र पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले में पुलिस दो आरोपियों को मौके से ही गिरफ्तार कर चुकी है। शनिवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिवारीजनों को सौंप दिया। देर शाम दीपक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
बता दें कि शुक्रवार देर रात अवैध संबंधों के चलते मोहल्ला विजय नगर निवासी दीपक की मोहल्ले में ही रहने वाले पिता-पुत्र ने जिंदा जलाकर हत्या कर दी थी। सूचना पर परिवारीजन और पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। घटना के बाद मौके से भाग रहे आरोपी पिता-पुत्र रामेश्वर और राजनाथ पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। मामले में देर रात मृतक दीपक के पिता ने तहरीर देकर कहा कि मेरा पुत्र दीपक रामेश्वर के घर चूड़ी झलाई का काम करता था। काम बंद करने को लेकर रामेश्वर दीपक से रंजिश मानने लगा था। शुक्रवार सुबह रामेश्वर और उसके पुत्र राजनाथ ने जबरन काम करने के लिए दबाव बनाया। मना करने पर शाम तक मारने की धमकी दी थी। दीपक और परिवारीजन लाइनपार क्षेत्र के मोहल्ला आजाद नगर में विक्रम के घर दावत खाने गए थे। तभी आरोपी दीपक को पकड़ कर ले आए और उसके साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की। इसके बाद आरोपियों ने उसकी जिंदा जलाकर हत्या कर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हरिजन एक्ट अाैर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। थानाध्यक्ष बसईमोहम्मदपुर का कहना है कि मुकदमे की जांच सीओ सदर भगवान सिंह द्वारा की जाएगी। वहीं शनिवार को मोहल्ला विजय नगर में दीपक की हत्या के बाद मातमी सन्नाटा पसरा नजर आया। दीपक की मां का रो-रोकर बुरा हाल था। दोपहर बाद पोस्टमार्टम के बाद दीपक के शव को परिवारीजनों को सौंप दिया। देर शाम गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
एलान के बाद की दीपक की हत्या
बेटे की हत्या के बाद घर के समीप प्लाट में एक पेड़ के नीचे क्षेत्रीय महिलाओं के साथ बैठकर विलाप कर रही दीपक की मां रेखा देवी ने कहा कि आरोपियों ने उसके बेटे की हत्या करने से पूर्व सुबह नौ बजे एलान कर दिया था कि रात तक दीपक की हत्या कर देंगे। हालांकि उसे उम्मीद नहीं थी कि आरोपी वास्तव में दीपक की हत्या कर देंगे।
चार बहन भाइयों में बड़ा था दीपक
दीपक चार बहन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसने बहन सुनीता का विवाह कर दिया था। जबकि छोटी बहन गीता अभी 11 साल की है और उससे छोटा भाई बबलू अभी आठ साल का है और वह दोनों पैरों से विकलांग है। दीपक के परिवार की माली हालत भी ठीक नहीं है। घर पर टिन शेड पड़ा है। उसने कुछ समय पूर्व ही यमुना के खादर में जमीन खरीदकर पिता के साथ मकान बनाया था।
मुंह में ठूंसा था कपड़ा गले में बंधा था अंगौछा
दीपक की मां रेखा देवी ने कहा कि बेटे को जिंदा जलाने की सूचना पर वह भाग कर मौके पर पहुंची थी। उन्होंने घटनास्थल पर पड़ी चप्पलों से बेटे की शनाख्त की थी। जब पुलिस ने आग की लपटों के बीच घिरे दीपक के शव को बाहर निकाला, तो उसके मुंह में कपड़ा ठुसा था और गले में अंगौछा बंधा था। उसकी पीट पर चोट के निशान भी थे।
मकान का ताला लगाकर फरार हुए आरोपियों के परिवारीजन
घटना के बाद पुलिस द्वारा आरोपी पिता पुत्र को हिरासत में लेने के बाद आरोपियों की अन्य परिवारीजन मकान का ताला लगाकर फरार हो गए। आरोपियों और दीपक के घर की दूरी लगभग 100 मीटर है।
यह था मामला
फिरोजाबाद (ब्यूरो)। मोहल्ला विजयनगर निवासी दीपक उर्फ दीपा (22) पुत्र राधेश्याम शंखवार चूड़ी झलाई का काम मां, बहन और पिता के साथ करता था। वह मोहल्ले में ही रहने वाले रामेश्वर के घर से झलाई के लिए तोड़े लेकर आता था। इस दौरान दीपक के संबंध रामेश्वर की पुत्रवधू नंदनी से हो गए। जानकारी पर नंदनी के पति राजनाथ ने विरोध करते हुए दीपक को जान से मारने की धमकी दी थी। शुक्रवार को दीपक परिवारीजनों के साथ दावत खाने के लिए मोहल्ला आजाद नगर गया था। यहां रामेश्वर और राजनाथ पहले से मौजूद थे। दावत खाकर घर लौटने के दौरान आरोपियों ने दीपक को पकड़ लिया और पीटते हुए बसई मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के जंगल में ले गए। यहां पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जला दिया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया।