गृहक्लेश से परेशान ठेका लेने वाली एक फर्म के सुपरवाइजर ने शुक्रवार देर रात पत्नी और बेटों के सामने ही ट्रेन के आगे कूदकर सुसाइड कर लिया। हालांकि बेटों ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की मगर उससे पहले ही वह महरौली फाटक के पास ट्रेन से कट गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
महेंद्रा एंक्लेव निवासी योगेश कुमार (40) यहां परिवार के साथ रहते थे। वह उत्तराखंड की एक सड़क निर्माण का ठेका लेने वाली फर्म में सुपरवाइजर थे। शुक्रवार रात करीब नौ बजे अचानक पत्नी और बेटों से गुस्सा होकर वह घर से निकल गए। पत्नी और बेटे भी उनके पीछे दौड़े मगर वह काफी आगे निकल गए थे।
महरौली फाटक के पास पहुंचकर उन्होंने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। इस दौरान उनका बेटा अभिनव उनसे कुछ कदमों की दूरी पर ही था। वह उन्हें रोकता रहा मगर वह नहीं रुके और ट्रेन से कट गए। एसएचओ कविनगर हेमंत राय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच की जा रही है।
शुरुआती जांच में मामला गृहक्लेश के चलते सुसाइड का लग रहा है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
बच्चे मांगते रहे माफी, पिता ने नहीं सुनी
पुलिस के अनुसार योगेश के परिवार में उनकी पत्नी मंजू, दो बेटे अभिनव (9), आदित्य (7) और बेटी पलक (5) हैं। परिजनों ने पुलिस को बताया है कि पिता काम को लेकर कुछ समय से डिप्रेशन में थे। पुलिस के अनुसार शुक्रवार को सभी घर पर ही थे कि योगेश किसी बात को लेकर गुस्सा हो गए।
सभी उनसे माफी मांगते हुए समझाते रहे, मगर उन्हाेंने किसी की नहीं सुनी।