झांसी-मानिकपुर रेल लाइन पर महोबा में लाडपुर गांव के सामने 30 मार्च की देर रात महाकौशल एक्सप्रेस की सात बोगियां पटरी से उतर जाने के मामले में फोरेंसिक जांच पूरी हो गई है। आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला ने रेलवे को इसकी रिपोर्ट भी भेज दी है। इसमें बताया गया है कि मौके से लिए गए सैंपल में कोई विस्फोटक पदार्थ नहीं पाया गया है। यह रिपोर्ट इस लिहाज से बेहद अहम है क्योंकि एनआईए और एटीएस की टीमें घटना के पीछे आतंकी साजिश होने के बिंदू पर गहराई से जांच पड़ताल कर रही हैं।
हादसे में 50 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इससे पहले कानपुर के पास पुरवाया में हुए रेल हादसे में आतंकी साजिश पाई गई थी। इसके अलावा खुफिया एजेंसियों को यह जानकारी मिली थी कि आतंकी संगठन ट्रेनों को निशाना बनाने की फिराक में है।
इसके चलते महोबा ट्रेन हादसे की जांच में नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी और एंटी टेरेरिस्ट स्कवायड को भी लगाया गया था। मौके पर आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला से ज्वाइंट डायरेक्टर डा. एके मित्तल की एक्सप्लोसिव यूनिट के साथ पहुंचे थे। उन्होंने टूटी पटरियों और बोगियों की कतरनों के सैंपल लिए गए थे। लैब के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि सैंपल में कोई विस्फोटक पदार्थ नहीं पाया गया है। रेलवे को यह परीक्षण रिपोर्ट मिलने के बाद जांच को नई दिशा मिल सकती है।
आगरा में भी रची गई थी ट्रेन पलटाने की साजिश
आगरा। 15 दिन पहले आगरा में मलपुरा के पास ट्रैक पर बड़ा पत्थर मिला था। अंडमान एक्सप्रेस पलटो से बाल बाल बची थी। ट्रैक के पास ही खत पड़ा मिला था। यह आईएसआई के कमांडर मिर्जा बेग के नाम से था। इसके अगले दिन कैंट स्टेशन के पास दो धमाके भी हुए थे। इसका अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।