आगरा जनपद के इतिहास की सबसे बड़ी लूट करने वाले बदमाश पुलिस की घेराबंदी के बीच से निकल गई। ऐसा इसलिए लग रहा है क्योंकि ककुआ के पास गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद बदमाश पैदल भागे थे, जबकि पुलिस को सूचना तुरंत ही मिल गई थी। इसके बाद काकऊ के चारों ओर पुलिस लगाकर घेराबंदी की गई थी। सोमवार की रात से मंगलवार सुबह सात बजे तक कांबिंग की गई लेकिन पुलिस के हाथ खाली रही। लुटेरों की गिरफ्तारी तो दूर अभी तक उनका कोई सुराग तक पुलिस को नहीं मिला है।
बता दें , अकोला निवासी पशु व्यापारी रफीक और उसके भतीजे चंदा उर्फ भल्ला से सोमवार शाम एक करोड़ नगदी लूटी गई थी। वारदात आगरा-जगनेर रोड पर झींगरा मोड़ पर हुई थी। भागते समय बदमाशों की इनोवा कार ककुआ में सड़क पर खड़ी अल्टो से टकरा गई थी। इसके बाद बदमाश पैदल भागे थे।
इसका पता चलते ही डीआईजी लक्ष्मी सिंह और एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह तक कांबिंग में लगे थे। जिले भर से फोर्स मंगाया गया था। लेकिन हाथ नाकामी आई। पुलिस ने खेतों में कांबिंग की। कई संदिग्धों के घर की तलाशी ली। लेकिन मिला कुछ नहीं। गौरतलब है कि एफआईआर में लूट 50 लाख की दर्ज कराई गई थी।
बैंक में खंगाले सीसीटीवी फुटेज
पशु व्यापारी आगरा के संजय प्लेस स्थित बैंक से 50 लाख रुपये निकालकर ले गए थे। लूटे गए एक करोड़ में यह रकम भी शामिल रही। इसके मद्देनजर पुलिस की टीम बैंक पहुंची। यहां सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस को शक था कि बदमाश बैंक से ही पीछे लगे। लेकिन फुटेज में बदमाश नजर नहीं आए। पुलिस के साथ पीड़ित व्यापारी भी रहे।
दूसरे दिन भी ड्राइवर से पूछताछ
पुलिस को शक है कि पशु व्यापारियों के ड्राइवर आकिल ने मुखबिरी की। उससे सोमवार को पूछताछ की गई थी। मंगलवार को भी यह जारी रही। उससे पूछा जा रहा है कि वह सोमवार को सुबह से लेकर घटना के समय तक कहां कहां गया? किस किससे मिला? उसके मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है।
लूट की गाड़ी की नंबर प्लेट फर्जी
जैसी आशंका थी, वैसा ही निकला। लुटेरे जो इनोवा गाड़ी छोड़कर भागे थे, उसकी नंबर प्लेट फर्जी निकली। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अभी तक की जांच में यह गाड़ी लूटी गई थी। इसके बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है।
वर्जन:
लुटेरों की तलाश में हर संभव कोशिश की जा रही है, जल्द ही कोई सुराग मिल सकता है - डा. प्रीतिंदर सिंह ( एसएसपी )