चौसिंगी गांव के पास तीन दिन पहले ट्रेन से कटकर मरे व्यक्ति की पहचान सीतापुर गांव के खेतिहर मजदूर पप्पू पुत्र खुट्टीराम के रूप में हुई है। उन्होंने कर्ज के तगादे और पत्नी से झगडे़ के बाद परेशान होकर जान दे दी। उन्होंने अपनी बेटी की शादी के लिए पिछले साल तीन लाख रुपये कर्ज लिया था। उसे प्लाट और पत्नी के गहने बेचने के बाद भी नहीं चुका पाए थे।
गांव सीतापुर निवासी पप्पू (40) के पास एक बीघा जमीन थी। खेतिहर मजदूर के रूप में काम कर वह अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। उनके भाई खचेर सिंह ने बताया कि पिछले साल फरवरी में बेटी पिंकी की शादी के लिए उन्होंने तीन लाख रुपये कर्ज लिया था। इसमें से कुछ अपना प्लाट और पत्नी आशा के गहने बेचकर चुका दिया था। बाकी कर्ज के तगादे को लेकर वह जमीन बेचना चाहते थे। पत्नी उन्हें बच्चों की जिंदगी का वास्ता देकर विरोध करती थी। तीन दिन पहले दोनों में इस बात को लेकर झगड़ा हुआ और इसके बाद वह घर से निकल गए। बाद में उनका शव चौसिंगी गांव के पास रेलवे लाइन पर मिला था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। गुरुवार की रात पति का शव देख आशा बेसुध हो गई। 24 घंटे बाद भी होश नहीं आया तो निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया। पप्पू की मौत के बाद अब आशा के सामने तीन बेटे कुलदीप, रिंकू, कृष्ण और पुत्री कमलेश की परवरिश का सवाल खड़ा हो गया है।
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शादी वाले घर में गम का माहौल
पप्पू के भतीजे सोवरन सिंह की शनिवार को नरहौली गांव में बरात जानी है। शादी वाले घर में अब मातम का माहौल है। मंडप की दावत निरस्त कर दी गई है।