गांव पैसई में अवैध खनन रोकने के लिए पुलिस टीम पर रविवार को खनन माफिया के गुर्गों ने हमला कर दिया। उन्होंने पुलिस के कब्जे से जब्त की गई मिट्टी से भरी ट्रैक्टर ट्राली और खनन माफिया को छुड़ा लिया। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है।
खंदौली के गांव पैसई में काफी समय से मिट्टी के अवैध खनन का धंधा चल रहा है। रविवार को प्रभारी डायल-100 पीआरवी रामनरेश यादव पैसई में हनुमान मंदिर के समीप एक सूचना पर खनन रोकने पहुंचे थे। उनके साथ चालक पुष्पेन्द्र और मनवीर भी थे। पुलिस ने मिट्टी से भरे ट्रैक्टर ट्राली सहित पैसई निवासी यशपाल सिंह को मौके से पकड़ लिया और अपने साथ थाने ले जाने लगे। तभी खनन माफिया के गुर्गे बाइकों पर सवार होकर आ गए।
उन्होंने पुलिस को घेर लिया और गालीगलौज करने लगे। कुछ ही देर में उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। रामनरेश ने घटना की जानकारी थाना पुलिस को दी। जब तक थाना पुलिस मौके पर पहुंचती तब तक हमलावर ट्रैक्टर ट्राली सहित यशपाल सिंह छुड़ाकर भाग गए। घटना के बाद पहले तो पुलिस मामले को दबाने का प्रयास करती रही लेकिन बाद में पुलिस ने प्रभारी डायल 100 पीआरवी रामनरेश यादव की तहरीर पर यशपाल सिंह, सौरभ, विजय, बंटू, रिंकू और रूपेश निवासी पैसई सहित 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
पिनाहट में वनरक्षक ने खनन माफिया के खिलाफ दी तहरीर
कस्बा स्थित वन विभाग कार्यालय में तैनात वनरक्षक नंदराम को रविवार देर रात खनन रोकने पर एक खनन माफिया ने जान से मारने की धमकी दी। वनरक्षक ने थाने में दी तहरीर में कहा कि पडुआपुरा निवासी एक व्यक्ति ने उनके साथ गालीगलौज कर जान से मारने की धमकी दी। कहा, खैर चाहते हो तो अपना तबादला करा लो। वनरक्षक ने सुरक्षा की मांग की है। थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
निर्माण कार्य रुकवाने गई पुलिस पर फायरिंग
ग्राम मलूपुर में रविवार की रात दो पक्षों में चले आ रहे जमीन के विवाद में एक पक्ष के निर्माण कार्य शुरू कराने पर उसे रुकवाने गई पुलिस पर पथराव और फायरिंग कर दी गई। पुलिस को वहां से भाग कर अपनी जान बचानी पड़ी। इस संबंध में पुलिस ने ग्राम प्रधान सहित सात नामजद और 50-60 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वही, आरोपी पक्ष ने पुलिस पर दूसरे पक्ष से मिले होने का आरोप लगाया है।
मलूपुर के ग्राम प्रधान मुकेश सिंह का काफी समय से बगल घूूंसा निवासी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सोनवीर सिंह से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। जमीन की कई बार पैमाइश कराई गई। रविवार की रात विवादित जमीन पर निर्माण कार्य चल रहा था। उसे रुकवाने के लिए उपनिरीक्षक अजय कुमार चक, प्रभारी डायल-100 पीआरवी नरेश चंद्र पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। उन्हें देख निर्माण कर रहे लोग भाग निकले।
पुलिस का कहना है कि जमीन का मुआयना करने के दौरान आई सफेद रंग की कार में हथियारबंद लोगों को पुलिस ने घेरने की कोशिश की तो गांव की ओर से आए लोगों ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस वहां छिपकर और कुछ ने भागकर अपनी जान बचाई। तभी कार सवार वहां से भाग गए। उपनिरीक्षक ने ग्राम प्रधान मुकेश सिंह, वीनू, गांधी, सुरेन्द्र सिंह, रामवीर सिंह, राजकुमार और उदय सिंह सहित 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। आरोपी पक्ष के सुरेंद्र सिंह का कहना है कि पुलिस ने दूसरे पक्ष से मिलीभगत के चलते झूठा मामला दर्ज किया है। मौके पर कोई फायरिंग नहीं हुई। वे मामले की शिकायत उच्चधिकारियों से करेंगे।