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मंत्री आवास पर फायरिंग करने वालों की तलाश शुरू

Thu, 31 Dec 2015 02:14 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
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मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री प्रो. रामशंकर कठेरिया के आवास पर फायरिंग के मामले में नामजद कराए गए आरोपियों की पुलिस ने बुधवार को तलाश शुरू कर दी। इसकी एफआईआर में एनएसयूआई के नेता धर्मेंद्र चाहर, अमित गौतम, मनीष गौतम और छात्र संघ अध्यक्ष कृष्णमणि त्रिपाठी नामजद कराए गए थे। पुलिस ने इनकी तलाश में कई जगह दबिश दी लेकिन एक भी नहीं मिला।
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उधर, भाजपा नेताओं ने एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह से मुलाकात कर कहा कि यह फायरिंग साजिश के तहत की गई थी। एनएसयूआई के नेताओं ने पहले दुर्गेश नाम के पूर्व छात्र को पीटा। वह अपनेे काम से मंत्री डा. राम शंकर कठेरिया से मिलने आया था। उसकी पिटाई के समय मंत्री आवास से थोड़ी दूरी पर अपनी गाड़ी में बैठ ही रहे थे, तभी दुर्गेश भागकर उनके पास पहुंचा। इसी दौरान उस पर गोली चलाई गई। उन्होंने आशंका जताई कि यह फायरिंग मंत्री को निशाना बनाने की साजिश के तहत की गई थी। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी अमित सिंह एवं उनके साथी मंत्री के खिलाफ साजिश एवं विश्वविद्यालय परिसर में गुंडागर्दी करते रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन भी पूर्व में अमित सिंह और उसके साथियोें के खिलाफ थाना न्यू आगरा मेें रिपोर्ट करा चुका है। भाजपा नेताओं ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की। ज्ञापन देने वालों में विधायक योगेंद्र उपाध्याय, महानगर अध्यक्ष नागेंद्र प्रसाद दुबे, ब्रज क्षेत्र कोषाध्यक्ष नवीन जैन, अनिल चौधरी, प्रमोद गुप्ता, पूर्व मंत्री रामबाबू हरित, डा. जीएस धर्मेश, गनेश चंद, शरद चौहान, भरत शर्मा, राहुल जैन, ललित चतुर्वेदी एवं विनोद अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

छात्र नेता ने सीएम को भेजी शिकायत
आगरा। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष कृष्णमणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है। इसमें उन्होंने इस प्रकरण में पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। अध्यक्ष ने बताया कि पुलिस उनका मुकदमा दर्ज नहीं कर रही है। उन्होंने एसएसपी को डाक के जरिए अपना प्रार्थना पत्र भेजकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
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कांग्रेस ने मंत्री पर लगाया आरोप
कांगेस जिलाध्यक्ष दुष्यंत शर्मा ने कहा है कि पुलिस ने मंत्री के दबाव में एकतरफा कार्रवाई की है। एनएसयूआई नेताओं की तहरीर पर केस दर्ज नहीं किया जा रहा है। मंत्री के कहने पर दुर्गेश ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसकी वजह यह है कि एनएसयूआई ने उन पर खंदारी कैंपस का आवास खाली करने का दबाव बना रखा है। इसके अलावा हाल ही में छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई की जीत से भाजपा नेता बौखला गए हैं।

वर्जन
एफआईआर दर्ज कर ली गई है, जांच चल रही है, इसकी रिपोर्ट पर कार्रवाई की जाएगी, केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा - डा. प्रीतिंदर सिंह, एसएसपी
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