जवाहर बाग कांड में जिला जेल मथुरा में निरुद्ध आरोपी सीताराम की शनिवार को मौत हो गई। जेल में हालत बिगड़ने पर उसे एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी लाया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। जेल प्रशासन ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
बंदी सीताराम (38) पुत्र रामसहाय बरेली के थाना भुता स्थित दौलतपुर, करैना का रहने वाला था। वो जून 2016 से जवाहर बाग कांड के मामले में आरोपी था। वो जिला जेल मथुरा में निरुद्ध था। परिजनों ने बताया कि सीताराम का बड़ा भाई नेतराम आगरा जिला जेल में निरुद्ध है।
सीताराम की पत्नी धर्मवती भी पकड़ी गई थी। उसे एटा जेल भेजा गया था। मगर, उनकी कुछ समय बाद ही जमानत हो गई थी। शनिवार शाम को मथुरा जेल प्रशासन से सूचना मिली कि सीताराम की तबीयत खराब हो गई है। इस पर परिजन चल दिए।
'नहीं थी बीमारी'
रास्ते में फिर फोन आया। इस बार मौत की जानकारी दी। उनके भाई रामेश्वर दयाल ने बताया कि जेल प्रशासन सीताराम के बीमार होने की बात कह रहा है, जबकि उसको किसी तरह की बीमारी नहीं थी। उसकी मौत कैसे हो गई? यह पता नहीं है। वह पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
काम की तलाश में आया था मथुरा
रामेश्वर दयाल ने बताया कि सीताराम, उसके बड़े भाई और पत्नी कई साल पहले मथुरा काम की तलाश में आए थे। वो रामवृक्ष के साथ हो गए थे। इस कारण ही पुलिस ने पकड़ा था। उसके दो बेटे और दो बेटी हैं।
यह था जवाहर बाग कांड
दो जून 2016 को मथुरा के जवाहर बाग को रामवृक्ष यादव से कब्जा मुक्त कराने पुलिस टीम गई थी। अतिक्रमणकारियों ने पुलिस पर पथराव और गोली चलाई थी। इसमें एसपी मुकुल द्विवेदी और एसओ फरह संतोष कुमार की मौत के बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। पुलिस ने अतिक्रमणकारियों को पकड़ा था।