केंद्रीय हिंदी संस्थान में उठे ‘बीफ पार्टी’ के बवंडर के पीछे कोई गहरी साजिश तो नहीं? इसी सवाल की तलाश में जुटे संस्थान से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि इसके पीछे छात्रों के अलावा और संस्थान के अंदर और बाहर के लोग भी शामिल हो सकते हैं। फोटो वायरल होना भी किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है।
केंद्रीय हिंदी संस्थान के कुलसचिव डा. चंद्रकांत त्रिपाठी का कहना है कि छात्रों के लिए भोजन की व्यवस्था मैस से होती है। इसके लिए डाइट चार्ज बना हुआ है। मीट परोसने की व्यवस्था नहीं है। एक दिन केवल अंडा दिया जा सकता है। ये बात हजम नहीं हो रही कि संस्थान के अंदर मीट आया और पकाया गया। किसी को भनक तक नहीं लगी। संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि यदि ऐसा हुआ है तो संभव है कि इसमें किसी अंदर के व्यक्ति का हाथ है। कुछ बाहरी लोगों का हाथ होने की आशंका भी जताई जा रही है। संस्थान के ‘विभीषणों’ की पहचान भी जरूरी हो गई है। साथ ही सोशल मीडिया पर फोटो वायरल भी एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। फोटो वायरल होने से कुछ अहम सवाल खड़े होते हैं।
- मीट भगवा कपड़े पर रखकर ही क्यों काटा गया
- छात्रों ने फोटो में विक्टरी का निशान क्यों बनाया
- छात्रों ने दीवार पर ‘बी’ ‘फी’ क्यों लिखा
- संस्थान के अंदर कोई कर्मचारी था या नहीं
मामले की जांच के लिए केंद्रीय हिंदी संस्थान में आंतरिक जांच कमेटी का गठन हो गया है। रिपोर्ट के आने के बाद पुलिस एक्शन लेगी। फिलहाल तो संस्थान की सुरक्षा के मद्देनजर फोर्स तैनात किया गया है।
सुशील घुले, एसपी सिटी