आईपीएल के हर मैच पर शहर में करोड़ों का सट्टा लग रहा है। सौ से ज्यादा सटोरिए इस खेल में लगे हैं। पुलिस के पास इसकी जानकारी है लेकिन सटीक सूचना नहीं। नतीजा यह है कि सटोरियों के खिलाफ चल रहा अभियान अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पा रहा। छुट्भैये तो हाथ आ रहे हैं लेकिन बड़े खिलाड़ी पकड़ से दूर हैं।
पिछले सात दिनों में पुलिस ने 25 सटोरिए पकड़े हैं। इन्होंने बताया है कि वे बहुत छोटे स्तर पर खेलते हैं। पांच-दस हजार रुपये लगाते हैं लेकिन शहर में करोड़ों का सट्टा चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने अभियान तेज किया लेकिन बड़ी मछलियां हाथ नहीं आईं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि बड़े सटोरियों को न पकड़ पाने की दो वजह हैं। एक तो इनमें से ज्यादातर का पुराना रिकार्ड नहीं है। दूसरा इनके खिलाफ साक्ष्य जुटाना आसान नहीं है। ये बड़े शातिर सटोरिए हैं। इनका खेल मोबाइल फोन पर चलता है। हार-जीत के बाद पैसे एकाउंट में जमा करा दिए जाते हैं। एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह इस अभियान की खुद मानीटरिंग कर रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस को बड़ी कामयाबी मिलने का इंतजार है।
नौ और सटोरिए पकड़े गए
आगरा। एसपी सिटी सुशील घुले ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि एएसपी अनुराग वत्स के नेतृत्व में की गई छापामारी में शहर में आईपीएल मैच में सट्टा लगाते नौ लोग पकड़े गए हैं। इनसे दो एलईडी, दो टीवी, तीन सेट टॉप बाक्स, 23 मोबाइल फोन और लगभग 50 हजार कैश बरामद किया गया है। लोहामंडी से शीलेंद्र गोयल उर्फ निक्की, रामनाथ गोयल, पवन वर्मा, संदीप, रमेश वर्मा पकड़े गए हैं। निक्की गैंग का सरगना है। कमला नगर से जसवीर सिंह, एत्माद्दौला से ट्रांस यमुना फेस-1 का सोनू उर्फ रघु प्रताप, चुल्हावली (फीरोजाबाद) का विमल, मानिकपुरा किरावली का चंदन को भी पकड़ा गया है।