फील्ड यूनिट के पहुंचने से पहले ही शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए
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बल्केश्वर स्थित देशी शराब के ठेके में मारे गए कर्मचारियों के शवों को उठाने में पुलिस ने जल्दबाजी दिखाई। पुलिस ने शव उठाने में जल्दबाजी दिखाई। फोरेंसिक टीम के पहुंचने से पहले ही शवों को पोस्टमार्टम गृह पहुंचा दिया। क्राइम सीन को भी संरक्षित नहीं रखा गया। यही वजह रही कि डॉग स्क्वैड कोई सुराग नहीं दो पाया। हत्या की जानकारी के एक घंटे बाद पहुंची पुलिस ने न तो भीड़ को रोकने की कोशिश की और न ही साक्ष्य जुटाने में कोई रुचि दिखाई। केबिन में पड़ी लाशों को निकालने के लिए गेट का ताला तोड़ दिया, जबकि उससे फिंगर प्रिंट लिए जा सकते थे। इसके बाद कमलेश और राहुल के शवों को तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पुलिस ने राहुल के गले में पड़ा चादर का फटा हुआ कपड़ा तक कब्जे में नहीं लिया। उसे वहीं फेंक दिया। शवों के आसपास पड़ी वस्तुओं (जैसे तबा, कपड़े) से किसी तरह का साक्ष्य मिल सकता था, जिन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। दोपहर तकरीबन 12:30 बजे फोरेंसिक टीम पहुंची तो लाशें जा चुकी थीं। इसके बाद ही गेट पर यलो टेप लगाया गया। ठेके के केबिन से टीम ने साक्ष्य संकलन की कोशिश की, लेकिन कुछ नहीं मिला। टीम ने कपड़ा जरूर कब्जे में ले लिया है।