दयालबाग स्थित कालोनी प्राची धाम में तीन संदिग्ध व्यक्तियों के ठहरने और रिक्शा चालक को कई घंटे तक बंधक बनाए रखने की जानकारी ने पुलिस के होश उड़ा दिए। पुलिस ने चार घंटे तक कालोनी में छानबीन की मगर घटना की पुष्टि नहीं हो सकी। सूचना देने वाले रिक्शा चालक से पुलिस अभी पूछताछ कर रही है।
हुआ यूं कि बदायूं का रहने वाले रिक्शा चालक मुकेश दयालबाग में रहता है। उसने मंगलवार की शाम तकरीबन छह बजे थाना न्यू आगरा पहुंचकर जानकारी दी कि दो संदिग्ध लोगों ने उसे घंटों बंधक बनाए रखा है। उसने पुलिस को बताया कि सुबह तकरीबन 10 बजे तीन लोग उसे भगवान टाकीज पर मिले। उनके पास एक बड़ा बैग था। 40 रुपये में तय करके उसे दयालबाग प्राची धाम कालोनी के लिए चले। रास्ते में नगला बघेल पर एक दुकान से नाश्ता किया। यहां नीली शर्ट वाला युवक रुक गया। बाकी दो लोग उसे प्राची धाम में एक बंद मकान पर ले गए। इसके बाद उन्होंने उसे शाम पांच बजे तक घर से नहीं निकलने दिया। कहा कि कुछ देर रुको, पैसा देंगे। चालक ने पुलिस को बताया कि दोनों ने बैग से तीन लोहे के बैटरीनुमा बाक्स निकाले। कहा कि एक डीपीएस स्कूल और दूसरा सन फ्लावर के पास रख दे, लेकिन चालक ने इनकार कर दिया। शाम पांच बजे दोनों व्यक्ति उसे लेकर भगवान टाकीज पर लौट आए।
यहां उनके तीन अन्य साथी भी मिल गए। इसी बीच मौका पाकर वह (मुकेश) थाने भाग आया। पुलिस ने तलाश की तो भगवान टाकीज पर कोई नहीं मिला। इसके बाद सीओ हरीपर्वत अशोक कुमार सिंह, इंस्पेक्टर के साथ रिक्शा चालक को लेकर प्राची धाम कालोनी पहुंचे। चालक की निशानदेही पर बंद घर के बारे में पूछताछ की तो वह मध्य प्रदेश के एक अधिवक्ता का निकला। मकान मालिक तकरीबन सात दिन पूर्व दयालबाग के सत्संग में भाग लेने आए थे। पुलिस ने घंटों पूछताछ की मगर कोई पुष्टि नहीं कर सका। सीओ हरीपर्वत ने बताया कि रिक्शा चालक गुमराह कर रहा है। उसकी बातें जांच में साफ नहीं हुई हैं।