मेरठ में पकड़े गए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के जासूस मोहम्मद इजाज से खुफिया एजेंसियां उसके आगरा के मददगारों के नाम-पते मालूम नहीं कर पाई है। उसने यह तो बताया कि वह आगरा और मथुरा कई मर्तबा गया लेकिन यह राज अपने सीने में ही रखा कि यहां उसकी मदद किस किसने की? वह ताजनगरी में एक रात के लिए ठहरा भी था। लेकिन उसने यह भी छुपाए रखा कि उसे किसने और कहां पर ठहराया था? उसने आईएसआई को ताजनगरी के कई फोटो और जानकारी भेजी थी लेकिन इनके बारे में भी अभी पूरी जानकारी हासिल नहीं हो पाई है।
उससे मेरठ में रिमांड पर की गई लंबी पूछताछ के बाद वहीं जेल में सोमवार सुबह वापस भेज दिया गया। खुफिया एजेंसियों को अब उसके लैपटॉप, मोबाइल, एसडी कार्ड और पेन ड्राइव की फोरेंसिक परीक्षण रिपोर्ट मिलने का इंतजार है।
इन्हें सीबीआई की दिल्ली स्थित फोरेंसिक साइंस लैब के साइबर सेक्शन को भेजा गया है। यहां टेक्निकल विंग में इनका परीक्षण किया जाएगा। खुफिया एजेंसियों को उम्मीद है कि उसने आईएसआई को जो जानकारी भेजी हैं, वह हासिल की जा सकेंगी।
उसने आगरा में भी लंबे समय जासूसी की है। इस बारे में अभी तक खास जानकारी नहीं मिल पाई है। आगरा के जिन पांच लोगों से उसका संपर्क बताया जा रहा है, फोरेंसिक परीक्षण से उनके बारे में भी ब्योरा मिल सकता है। उसके मददगारों के नंबर उसके मोबाइल फोन में मिले थे। ये भी बंद बताए जा रहे हैं।
कब मिलेगा जवाब ?
आगरा के किन किन लोगों के संपर्क में रहा मोहम्मद इजाज ?
आगरा में एक रात के लिए कहां ठहरा? इसमें किसने मदद की ?
ताजमहल और एयरबेस के अलावा किस किसकी जानकारी आईएसआई को भेजी?
मथुरा में बार-बार चक्कर लगाने के पीछे क्या मकसद रहा?