साइबर सेल की जांच में पता चला है कि हनी ट्रैप में फंसाने वाला गैंग दिल्ली का है। इसे युवक ऑपरेट कर रहे हैं। वो फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाते हैं। उन पर युवतियों के फोटो लगाते हैं। नाम भी लड़कियों के रखते हैं। कोई व्यक्ति फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार कर लेता है तो उससे बातचीत शुरू कर देते हैं।
ऑनलाइन एप पर भी मोबाइल नंबर धारक का नाम लड़कियों का रख देते हैं। फेसबुक मैसेंजर और व्हाट्स एप पर फोटो भेजते हैं। जिसको जाल में फंसाना होता है, उससे भी फोटो मंगवाए जाते हैं। इसके बाद ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया जाता है।
गैंग खुद को युवती बताता है। लोग डर की वजह से रकम जमा कर देते हैं। अभी दो मामले ही पुलिस के पास पहुंचे हैं। मगर, पुलिस सूत्रों ने बताया कि कई लोग रकम जमा कर चुके हैं, लेकिन बदनामी के डर की वजह से पुलिस के पास शिकायत करने नहीं आए। पुलिस की जांच जारी है।