आगरा रेंज में पुलिस ने छह दिन का विशेष अभियान चलाकर 106 अपराधियों के जुर्म की कुंडली तैयार कर ली है। जीवन भर के लिए इनकी हिस्ट्रीशीट खोल दी है। इनमें आगरा के 36 हैं और फीरोजाबाद के 32। मथुरा के 10 हैं और मैनपुरी के 28। आगरा पुलिस ने पेशेवर लुटेरे और भाड़े पर हत्या करने वाले अपराधी शामिल किए हैं।
हालांकि पूरी रेंज में थानों से लगभग 500 हिस्ट्रीशीट खोले जाने के प्रस्ताव भेजे गए थे। लेकिन अधिकारियों ने अपने पैमाने पर परखने के बाद निर्णय लिया तो संख्या बहुत कम रह गई। कई लोगों पर रंजिश में मुकदमों की संख्या बढ़ गई है। इनकी हिस्ट्रीशीट नहीं खोली गई। इसी तरह कई ऐसे हैं जिन पर पांच से अधिक केस हैं लेकिन लंबे समय से सक्रिय नहीं है। इन्हें भी शामिल नहीं किया गया। एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि हिस्ट्रीशीट उन अपराधियों की खोली गई है जो पेशेवर हैं। इनमें लुटेरे और हत्यारे शामिल हैं। यह देखा गया है कि कौन अपराधी लगातार वारदात कर रहा है। उधर, पूरे जोन की बात करें तो आगरा और अलीगढ़ रेंज के आठ जनपदों में 9000 हिस्ट्रीशीटर पहले से हैं। इनमें से 8700 अ श्रेणी के हैं और 300 ब श्रेणी के। 1034 सक्रिय हैं जबकि 500 जेल में बंद हैं। आगरा जनपद में 1860 हिस्ट्रीशीटर हैं।
लापता चल रहे 1000 हिस्ट्रीशीटर
आगरा। पुलिस नई हिस्ट्रीशीट खोलने पर तो जोर दे रही है लेकिन लापता चल रहे हिस्ट्रीशीटरों को नहीं ढूंढ पा रही है। जोन में 1000 हिस्ट्रीशीटर लापता हैं। इनमें आगरा रेंज के 350 हैं और अलीगढ़ के 650। आगरा जनपद से 96 हिस्ट्रीशीटर लापता चल रहे हैं। सभी अ श्रेणी के हैं।