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सिर फोड़कर गला घोटा, फिर चेहरा जला दिया

Sat, 08 Apr 2017 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
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पिंकी - फोटो : अमर उजाला
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लाड़ो ने पिंकी की हत्या की जो कहानी सुनाई है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। उसने पहले धोखे से पिंकी के सिर में डंडा मारा था। इससे वह बेहोश हो गई। इसकेबाद बड़ी बर्बरता से दुपट्टे से उसका गला घोट दिया। उसकी मृत्यु हो गई। लाड़ो यहीं पर नहीं रुकी। उसे अपनी साजिश को पूरी तरह जो अंजाम देना था। कंबल उठाकर लाई। उससे शव को लपेटा। इसके बाद मिट्टी का तेल उस पर उडे़ल दिया। इसमें आग लगा दी। लोगों को पता लगा तब तक शव लगभग आधा जल चुका था। शनाख्त कर पाना मुश्किल था।
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आग लगाते ही लाड़ो वहां से भाग निकली थी। उधर गांव में शोर मचा कि छेदीलाल के घर में आग लग गई है। दूर से धुआं ही नजर आ रहा था। गेट खोलकर देखा तो शव जल रहा था। आग बुझाई गई। पहले पहल तो कई लोगों ने यही समझ लिया कि छेदीलाल जलकर मर गया। लेकिन थोड़ी देर बाद वह मेले में मिल गया। गांव के पास ही मेला लगा था।
अब सवाल उठा कि शव छेदीलाल का नहीं है तो फिर किसका है? उधर लाड़ो और पिंकी के परिवारीजन पहुंच गए। दोनों अपनी-अपनी बेटियों की तलाश कर रहे थे। लाड़ो के परिवारीजनों ने उसे अपनी बेटी मानकर दाह संस्कार कर दिया। लाड़ो की चाल कामयाब हो चुकी थी।
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हेयर बैंड से की थी शव की पहचान
लाड़ो ने पिंकी की हत्या करने के बाद अपने सिर से लोहे का हेयर बैंड निकालकर उसके सिर में लगा दी। अपनी जेब से दस-दस रुपये के दो सिक्के लेकर पिंकी की जेब में रख दिए। ये सिक्के उसे उसके पापा ने दिए थे। जब लाड़ो का परिवार वहां पहुंचा तो शव आधा जल चुका था। शनाख्त के लिए कपड़े देखे गए, ये भी जले हुए थे। शव के पास दस-दस रुपये के सिक्के देखकर लाड़ो के पापा फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने कहा कि लाड़ो को दस-दस के दो ही सिक्के दिए थे। ये वहीं हैं। इसके बाद उसकी मां ने हेयर बैंड देखा तो उसने भी मान लिया कि शव लाड़ो का है। शव पर कंबल के जले हिस्से थे। इसलिए माना गया कि वह जब जल रही होगी तो किसी ने बचाने की कोशिश की होगी और उस पर कंबल डाला होगा।

लाडो के खिलाफ केस करेंगे

शमसाबाद (आगरा)। पिंकी के पिता मनोज सिंह का कहना है कि लाडो ने ही उनकी बेटी की हत्या की है। अब यह बिल्कुल साफ हो गया है। वह तो पहले से ही कह रहे थे। उनका कहना है कि वह शनिवार सुबह इस मामले में हत्या की एफआईआर दर्ज कराएंगे।

प्रेमी का नाम नहीं बताऊंगी
शमसाबाद। लाडो से पुलिस ने कई बार पूछा कि उसके प्रेमी का नाम क्या है और वह कहां का रहने वाला है। उसने कह दिया कि  चाहें कुछ भी हो जाए पर वह अपने प्रेमी का नाम नहीं बताएगी। उधर, पुलिस उसकी सहेलियों से भी इस बारे में जानकारी कर सकती है।

पैसे नहीं थे, बस अड्डे पर सोना पड़ा
शमसाबाद। लाडो का कहना है कि वह पिंकी की हत्या करने के बाद आगरा शहर चली गई थी। बुधवार की रात होटल में रुकना चाहती थी लेकिन उसके पास न पैसे थे और न आईडी। इसलिए देर रात तक इधर उधर टहलती रही। रात में बस अड्डे पर सो गई। हालांकि पुलिस को इस कहानी पर यकीन नहीं।
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