नगला सूरजभान गांव से दो सहेलियों किरन उर्फ लाडो (20) और पिंकी (12) के लापता हो जाने की घटना का शुक्रवार को खुलासा हुआ तो इसे जानकर पूरा गांव ही नहीं आसपास का इलाका भी बुरी तरह से सन्न रह गया। पता चला कि बुधवार को मिला झुलसा हुआ शव पिंकी का था। उसका खून लाडो ने किया था। चेहरा इसलिए जलाया था ताकि लोग समझें कि वह (लाडो) मर गई। कोई उसे ढूंढे नहीं और वह अपने आशिक के साथ आराम से रह सके।
पुलिस ने लाडो को गिरफ्तार कर लिया है। दिल दहला देने वाली वारदात में उसके आशिक के शामिल होने का भी शक है। उसकी तलाश की जा रही है। लाडो बेटी है सुरेन्द्र सिंह की। पिंकी के पिता हैं मनोज सिंह। नत्थीलाल इंटर कॉलेज में लाडो 12 की छात्रा है, जबकि पिंकी आठवीं में पढ़ती थी।
पांच अप्रैल को दोनों गांव के पास लगा कैला देवी का मेला देखने के लिए गई थी। वहां से लौटने के बाद दोनों लापता हो गई। उनकी तलाश चल ही रही थी कि लाडो के ही परिवार के छेदी लाल के घर किसी का शव जलने का शोर मचा। छेदी लाल मेले में मिल गया तो सवाल उठा कि शव किसका है? यह लड़की का था। लाडो के परिवारीजनों को लगा कि यह उनकी बेटी का है। उन्होंने आननफानन में उसका दाह संस्कार कर दिया।
पुलिस का कहना है कि उन्हें शायद उसके प्रेम प्रसंग की जानकारी रही होगी। उन्होंने माना होगा कि इसी के चलते उसने आत्महत्या कर ली। पिंकी और लाडो की उम्र में आठ साल का अंतर है लेकिन दोनों की कद-काठी में ज्यादा फर्क नहीं था।
दूसरा, शव का चेहरा जला हुआ था, इसके चलते पहचान नहीं हो पा रही थी कि किसका है। कद काठी के आधार पर ही लाडो के परिवार ने उसे अपनी बेटी का शव माना। उधर पिंकी का परिवार कहता रहा कि यह उनकी बेटी का शव लग रहा है।
उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि लाडो के परिवार ने पिंकी की हत्या कर शव फूंक दिया है। शुक्रवार को लाडो के परिवारीजनों को कहीं से सूचना मिली कि वह आगरा के बिजली घर पर घूम रही है। उन्होंने उसे लाकर पुलिस के हवाले कर दिया।
शमसाबाद के थाना प्रभारी ने बताया कि लाडो ने पूछताछ में कुबूल किया कि पिंकी की हत्या उसने ही की थी। शव इसलिए जलाया ताकि उसे (लाडो) मरा समझा जाए। वह अपने आशिक केसाथ भाग जाना चाहती थी मगर इसमें कामयाब नहीं हो पाई।