शाहगंज के फ्रेंड्स कालोनी स्थित एडीए क्वार्टर में रविवार रात को चौकीदार छोटे सिंह (27) की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। इसके बाद उसका शव पहली मंजिल से नीचे फेंक दिया गया। सोमवार सुबह घटना की जानकारी होने पर पुलिस मेें हड़कंप मच गया। हत्या के कारण का पता नहीं चल सका है।
मूलरूप से बड़ा गांव, थाना नारखी स्थित फीरोजाबाद निवासी छोटे सिंह पुत्र रुकम पाल दस दिन पहले ही फ्रेंड्स कालोनी स्थित एडीए के नवनिर्मित क्वार्टर में नौकरी करने आया था। बता दें, यह क्वार्टर अभी खाली पड़े हैं। डेढ़ साल पहले ही बनकर तैयार हुए हैं। इससे पहले छोटे का भाई शशि चौकीदारी करता था। उसे ठेकेदार ने रखा है। मगर, होली का त्योहार नजदीक होने की वजह से वह छुट्टी चला गया। सोमवार सुबह तकरीबन आठ बजे कुछ लोग अपार्टमेंट में आए तो छोटे का शव ब्लाक एफ-3 में भूतल पर पड़ा हुआ था। उसके चेहरे, गर्दन, पेट और हाथ पर तकरीबन 12 वार किए गए थे। वह ब्लाक के प्रथम तल पर दो नंबर क्वार्टर में रहता था। उसकी हत्या कमरे में करने के बाद शव को नीचे फेंका गया। सूचना पर शाहगंज पुलिस पहुंच गई। परिवारीजनों ने बताया कि उनकी किसी से रंजिश नहीं है। छोटे की पत्नी की मौत हो चुकी है। उसके दो बच्चे हैं। उसकी दूसरी शादी तय हो गई थी। दो दिन बाद पीली चिट्ठी भी आने वाली थी। पुलिस का कहना है कमरे में खाने का सामान मिला है। इससे आशंका है कि छोटे के साथ किसी ने पार्टी की है। इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट को बुलाकर जांच की गई। वहीं कमरे में संघर्ष के निशान मिले हैं। कमरे में खून ही खून फैला हुआ था। वहीं क्वार्टर नंबर दो के सामने ही दूसरे क्वार्टर के गेट पर भी खून लगा मिला। पुलिस ने यहां से फिंगर प्रिंट लिए हैं।
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खाली पड़े क्वार्टर जुआरियों का अड्डा
फ्रेंड्स कालोनी निवासी सुधीर टंडन ने बताया कि एडीए ने कालोनी में तकरीबन 112 क्वार्टर बनाए हैं। इनमेें सभी खाली पड़े हुए हैं। कई क्वार्टर में तो ताले तक नहीं लगाए जाते हैं। इस कारण परिसर में जुआरियों का जमावड़ा रहता है। अराजकतत्व भी सक्रिय रहते हैं। इसी का नतीजा है कि वारदात हो गई। इस मामले में वह एडीए के अधिकारियों से शिकायत भी करेंगे।