गुड्स ट्रेन से लापता हुए गार्ड वेदराम का दो दिन बाद भी सुराग नहीं मिल सका है। गार्ड के घरवालों और अन्य लोगों ने सोमवार को डीआरएम दफ्तर का घेराव किया। सुरक्षाकर्र्मियों ने उनसे अभद्रता की तो उन्होंने जमकर हंगामा किया। बाद में डीआरएम ने गार्ड की पत्नी और बेटों से मुलाकात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उधर, गार्ड की तलाश में पूरा रेलवे ट्रैक छान लिया गया है, लेकिन उनका पता नहीं चल सका है।
बता दें, आगरा कैंट स्टेशन से झांसी जा रही गुड्स ट्रेन में शनिवार शाम को मीना नगर, कोसीकलां (मथुरा) निवासी गार्ड वेदराम ड्यूटी पर थे। ग्वालियर के सिथोली स्टेशन पर ड्राइवर को वह केबिन मेें नहीं मिले तो उसने कंट्रोल रूम को सूचना दी। सिथोली में उनकी गुमशुदगी दर्ज की गई है। वेदराम की पत्नी हरवती देवी, दोनों बेटे मनोज व रवि 40-50 अन्य लोगों के साथ सोमवार को डीआरएम दफ्तर पहुंचे। गार्ड के भाई राजेंद्र सिंह नादर्न रेलवे में कर्मचारी हैं। उनका आरोप है कि झांसी मंडल के रेल अफसरों ने उनकी सुनवाई नहीं की। जब वे आगरा कैंट स्थित डीआरएम दफ्तर पहुंचे तो यहां के डीआरएम ने भी मिलने का समय नहीं दिया। उल्टा सुरक्षाकर्मियों ने उनसे अभद्रता कर दी। इससे गुस्साए लोगों ने जमकर हंगामा और नारेबाजी की। मामला बढ़ता देख डीआरएम ने गार्ड के घरवालों से मुलाकात की। उन्हें आश्वस्त किया कि गार्ड की तलाश के लिए जीआरपी व आरपीएफ लगी है। ग्वालियर पुलिस के एसएसपी की मदद भी ली जा रही है। उन्होंने झांसी मंडल के अफसरों से भी बात की।