आगरा की थाना ताजगंज पुलिस ने युवती को घूरने और परेशान करने के आरोप में विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फॉरेंसिक लैब) के वैज्ञानिक संजीव द्विवेदी को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। दोपहर में उनको कोर्ट में पेश किया, जहां से जमानत मिल गई। आरोपी वैज्ञानिक प्रयोगशाला के बायोलॉजी डिवीजन में तैनात हैं।
ताजगंज क्षेत्र की युवती ने शुक्रवार को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि वो फतेहाबाद रोड स्थित एक जिम में जाती है। यहां पर आरोपी वैज्ञानिक संजीव द्विवेदी निवासी फेज द्वितीय, प्रफुल्ल नगर, थाना ताजगंज आता है।
आरोप है कि वैज्ञानिक उसको घूर-घूरकर देखता था। आरोपी ने उसका मोबाइल नंबर भी हासिल कर लिया। इसके बाद मैसेज करने लगा। उससे कॉल और मैसेज नहीं करने के लिए बोला। लेकिन उसने मैसेज करना बंद नहीं किया।
पीड़िता ने 24 जून को वीमेन पावर लाइन 1090 पर काल करके शिकायत दर्ज कराई। इसके बावजूद आरोपी की हरकतें बंद नहीं हुईं। वो मैसेज भेज रहा था। पीड़िता ने शुक्रवार को पुलिस से शिकायत की।
इसके बाद थाना ताजगंज में छेड़छाड़ (धारा 354 डी) में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने शनिवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। दोपहर में कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई।
'झूठे आरोप लगाए गए'
संजीव द्विवेदी को एसीजेएम प्रशांत कुमार की कोर्ट में पेश किया गया था। वैज्ञानिक की ओर से अधिवक्ता राजेंद्र सैनी, महावीर तिवारी और मनोज कुमार यादव ने जमानत प्रार्थनापत्र प्रस्तुत कर कहा कि संजीव पर झूठा आरोप लगाया है। जनता का कोई भी स्वतंत्र गवाह नहीं हैं।
कोर्ट ने जमानतीय अपराध मानते हुए 20-20 हजार के दो जमानती और इतनी राशि के निजी मुचलके प्रस्तुत करने पर आरोपी को रिहा कर दिया। दीवानी परिसर में आरोपी वैज्ञानिक ने कहा कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। उनके ऊपर लगे सभी आरोप गलत हैं।
मैसेज बनेंगे सुबूत
थाना प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार ने बताया कि युवती का आरोप है कि आरोपी उसे काफी समय से परेशान कर रहा था। मैसेज करके कहता था कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मैं आपको बहुत पसंद करता हूं। जिम वाले मेरे साथ हैं। मुझ से बात कर लो। इसकी कापी भी पीड़िता ने पुलिस को दी है।