चोरी, लूट, डकैती, हत्या, बलात्कार जैसे संगीन मामलों की एफआईआर जल्द ही घर बैठे दर्ज कराई जा सकेगी। क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम ( सीसीटीएनएस) के तहत इस पर काम तो बहुत समय से चल रहा है लेकिन अब यह फाइनल राउंड में है। इलेक्ट्रानिक एफआईआर दर्ज करने के लिए स्टेट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एससीआरबी) को थाना का दर्जा दिया गया है।
अपर पुलिस महानिदेशक (तकनीकि सेवाएं ) राजकुमार विश्वकर्मा ने सोमवार को यहां इसकी जानकारी दी। उन्होंने सीसीटीएनएस के तहत आगरा जोन में किए जा रहे कार्यों की प्रगति समीक्षा की। उन्होंने बताया कि अभी तक यह उलझन थी कि ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कहां और कैसे की जाएं?
इसका समाधान यह निकला कि एससीआरबी को थाना बना दिया गया। यहां ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कर संबंधित थाने को विवेचना के लिए भेजी जाएगी। सिटीजन चार्टर के तहत सीसीटीएनएस की वेबसाइट पर एफआईआर दर्ज कराने का विकल्प दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिन थानों में बीएसएनएल की कनेक्टिविटी नहीं है, उन्हें रेडियो फ्रिक्वेंसी कंट्रोल (आरएफसी) से जोड़ा जाएगा। आगरा में चित्राहट, पिनाहट, निबोहरा, बसई, जगनेर, खेड़ा राठोर, बसई अरेला, मंसुखपुरा, बासोनी पिंडौरा ऐसे ही थाने हैं। मीटिंग में जोन और दोनों रेंज के अधिकारियों के अलावा कंप्यूटर आपरेटर और सीसीटीएनएस के नोडल अधिकारी मौजूद रहे।
लेकिन नामजदगी नहीं करा पाएंगे
ऑनलाइन एफआईआर में एक शर्त भी रखी गई। इसमें ऐसे केस ही दर्ज किए जाएंगे, जिनमें किसी को नामजद न किया गया हो। प्रदेश में फर्जी नामजदगी के मामलों को देखते हुए फिलहाल अज्ञात आरोपी वाले केस ही ऑनलाइन दर्ज किए जाएंगे।
पेपरलेस होनी चाहिए पुलिस की वर्किंग
एडीजी ने कहा कि सीसीटीएनएस का मकसद पुलिस की वर्किंग को पेपरलैस करना है। सिर्फ कंप्यूटराइज्ड एफआईआर ही नहीं, बल्कि अपराधियों के रिकार्ड से लेकर केस डायरी, चार्जशीट, फाइनल रिपोर्ट सब कुछ कंप्यूटर पर किया जाना चाहिए।