आगरा के थाना शाहगंज क्षेत्र में मंगलवार को विवाद में एक पति ने पत्नी का सिर फोड़ दिया। इसके बाद भाग निकला। हालांकि बुधवार को उत्पीड़न के मामले में थाना जगदीशपुरा पहुंच गया। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है।
बोदला क्षेत्र निवासी शैला का निकाह चार साल पहले शाहगंज के यूसुफ से हुआ था। आरोप है कि निकाह के बाद से ससुरालीजन उसका उत्पीड़न कर रहे थे। वह मायके में रहने लगी। इस पर समाज के लोगों की पंचायत बुलाई। इसमें ससुरालीजनों ने फिर मारपीट नहीं करने का वादा किया। वह ससुराल आ गई।
कुछ महीने बाद फिर से उत्पीड़न करने लगे। बाइक दिलाने का दबाव बनाया। विगत 17 जुलाई को मारपीट की गई। मायके से परिजन आए तो उनसे भी अभद्रता कर दी।
शैला मायके में रहने लगी। पीड़िता ने थाना जगदीशपुरा में मुकदमा दर्ज करा दिया। इस पर आरोपी घर से फरार हो गए। आरोप है कि मंगलवार की रात को शैला शाहगंज एक चिकित्सक के पास से आ रही थी, तभी पति मिल गया। उसने मारपीट की कर सिर फोड़ दिया। उसने थाना शाहगंज में शिकायत की। बुधवार को पति थाना जगदीशपुरा में उत्पीड़न के मामले में हाजिर हो गया।
दहेज उत्पीड़न में कार्रवाई नहीं होने पर पीड़िता ने मांगी इच्छा मृत्यु
आगरा के ताजगंज क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न और तीन तलाक के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर पीड़िता ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु देने की बात कही है।
ताजगंज की रहने वाली महिला ने कहा है कि 17 सितंबर को उसने ताजगंज थाने में दहेज उत्पीड़न, छेड़खानी, मुस्लिम विवाह अध्यादेश के तहत पति व अन्य ससुरालीजनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। ताजगंज थाने का विवेचक पूछताछ के नाम पर अश्लील बातें करता था। उसकी शिकायत पर विवेचना महिला विवेचक को दी गई। पुलिस ने अभी तक धारा 164 के बयान तक दर्ज नहीं करवाए हैं।
विपक्षी थाने पर आते हैं और पुलिसकर्मियों से बातें करते हैं। पीड़िता का कहना है कि अगर उसे न्याय नहीं दिया जा रहा है तो मासूम बच्चों के साथ इच्छा मृत्यु की इजाजत दी जाए। पीड़िता अपने अधिवक्ता शफीक अहमद कुरैशी के साथ पहुंची थी।