आरोपियों से पूछताछ के बाद ताजगंज के नीतिबाग में नवाबुद्दीन के घर में कारखाना पकड़ लिया गया। वहां एक लोडर टेंपो भरकर तेल पकड़ा गया। दो कमरों का एक गोदाम मिला। पैकिंग के बाद ये माल बाजार में भेज दिया जाता था। दो लोग पकड़े गए। नकली मोबिल तेल की आपूर्ति बालूगंज, शाहगंज, बोदला, टीपी नगर के अलावा देहात के इलाकों में होने की जानकारी मिली है।
पुराने तेल से करते हैं तैयार
पुलिस की जांच में पता चला कि गाड़ियों से निकलने वाला पुराना मोबिल तेल कारीगर अपने पास रख लेते हैं। इसके बाद यह मोबिल तेल एक व्यक्ति खरीदता है। यह दिल्ली, हरियाणा के गुरुग्राम और जयपुर की फैक्टरी में भेज दिया जाता है। इस मोबिल तेल को साफ किया जाता है।
इसके बाद यह प्रयोग करने योग्य होता है। तीन तरीके का तेल तैयार करते हैं। तारकोल भी बनाया जाता है। मगर, यह तेल गाड़ियों के लिए नहीं होता। मशीन में प्रयोग के लिए होता है। आरोपी कारखाना चलाने वाले इस तेल को 60 रुपये में खरीदते थे। इसके बाद 250 से 300 रुपये में नामी कंपनी के नाम पर बेचते थे।