पति, पत्नी और ‘वो’ के मामले तो अक्सर आते रहते हैं लेकिन इस तरह का समझौता शायद ही किसी केस में हुआ हो। सिकंदरा थाना में लिखित समझौतानामा दाखिल किया गया है कि पुरुष एक दिन पत्नी के साथ रहेगा और एक दिन प्रेमिका के। उसकी कमाई दोनों में बराबर-बराबर बंटेगी। इस पर न पत्नी को ऐतराज है और न ही प्रेमिका को। घरवाली-बाहरवाली में पति के बंट जाने का अजीबो-गरीब समझौता पुलिस ने भी स्वीकार कर लिया है।
शास्त्रीपुरम, सिकंदरा निवासी मनोज (परिवर्तित नाम) आटो चालक है। उसकी शादी को सात साल हो चुके हैं। दो बच्चे हैं। न्यू आगरा क्षेत्र की रहने वाली विवाहित महिला से उसके प्रेम संबंध हैं। वह संजय प्लेस में नौकरी करती है। उसका पति से मनमुटाव है, इसलिए उससे अलग रहती है। उसका आठ साल काबच्चा भी है। मनोज उसी (महिला के) साथ अक्सर रहता था। उसकी मुलाकात एक साल पहले हुई थी। मनोज उसे ऑफिस से घर छोड़ने जाने लगा। इस बीच बातों बातों में प्यार हो गया। दोनों ने चोरी चुपके विवाह भी कर लिया। महिला को राधा नगर में किराए पर मकान दिला दिया। पत्नी से बहाने बनाकर उसके पास रुकता था लेकिन कुछ दिन पहले राज खुल गया। पत्नी ने आसमान सिर पर उठा लिया। घर में बखेड़ा हो गया। इस पर मनोज ने बाहरवाली से नाता तोड़ लिया। उसके घर जाना बंद कर दिया। अपना मोबाइल नंबर भी बदल लिया। इस पर बाहरवाली मनोज को ढूंढते-ढूंढते मंगलवार को उसके घर पहुंच गई। वह मनोज को खींचकर ले जानी लगी लेकिन दूसरी ओर से पत्नी ने उसे कसकर पकड़ लिया। हंगामा इतना हुआ कि बात पुलिस तक पहुंच गई। तीनों को सिकंदरा थाने पर लाया गया। यहां भी दो घंटे हंगामा चला। न प्रेमिका मनोज को छोड़ने के लिए तैयार थी और न पत्नी। इसके बाद मनोज ने प्रस्ताव दिया कि वह पत्नी और प्रेमिका के साथ एक -एक महीने रहेगा लेकिन इस पर सहमति नहीं बनी। विवाद हो गया कमाई पर। आटो में कमाई रोज के हिसाब से होती है। इसलिए तय हुआ कि वह एक दिन पत्नी के साथ रहेगा और एक दिन प्रेमिका। इस तरह एक -एक दिन की उसकी कमाई दोनों में बंटेगी। समझौतानामा लिखकर तीनों ने हस्ताक्षर किए और पुलिस को थमा दिया। थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि तीनों के बीच यह समझौता हो जाने के बाद उन्हें थाना से जाने दिया गया।
--। समझौतानामा में लिखकर दिया गया कि ऑटो चालक एक दिन पत्नी केसाथ रहेगा और एक दिन प्रेमिका के। इस पर किसी को आपत्त्ति नहीं थी, इसलिए उन्हें थाना से जाने दिया गया - ब्रजेश कुमार पांडे, प्रभारी निरीक्षक, थाना सिकंदरा।
--। धर्म में इसकी अनुमति नहीं
मनकामेश्वर महादेव मंदिर के महंत योगेश पुरी का कहना है कि हिंदू धर्म ऐसे संबंधों की अनुमति नहीं देता है। किसी धार्मिक ग्रंथ में ऐसा उल्लेख नहीं है। इस तरह से संबंधों से जो संतान पैदा होगी , उसकी वैधानिकता पर सवाल उठेगा। सभ्य समाज में इसका संदेश भी गलत जाएगा।
--। समाज में इसकी मान्यता नहीं
डा. बीआरए यूनिवर्सिटी के समाज विज्ञान विभाग के पूर्व निदेशक डा. बृजेश चंद्रा का कहना है कि इस केस में पुरुष प्रेमिका को कानूनी रूप से पत्नी का दर्जा दिला सकता है। पत्नी केहोते हुए दूसरी स्त्री के साथ रहना अपराध के श्रेणी में आता है। हमारा समाज ऐसे रिश्ते को मान्यता नहीं देता है।
--। कानूनी रूप से भी सही नहीं
वरिष्ठ अधिवक्ता अचल शर्मा का कहना है कि समझौता भले ही हो गया हो लेकिन यह कानूनी रूप से मान्य नहीं है। हिन्दू मैरिज एक्ट में एक पत्नी के होते दूसरी को इस तरह रखने की इजाजत नहीं है। इस तरह का मामला संज्ञान में आने पर पुलिस को अपनी तरफ से जांच कर कार्रवाई करने का अधिकार है।