पाश कालोनी खंदारी के हनुमान चौराहा पर 15 नवंबर की रात लेदर ट्रेडिंग कारोबारी अवनीश ग्रोवर और उनकी पत्नी ऊषा ग्रोवर की घर में हत्या के मामले में पुलिस ने तीसरे दिन भी मौका मुआयना कर यह मालूम करने का प्रयास किया कि वारदात किस तरह अंजाम दी गई? इसमें ही यह बात सामने आई कि कातिलों में से एक के हाथ पर चोट का निशान जरूर होगा। क्योंकि लोहे की जाली काटकर दरवाजा खोलने के लिए इसमें हाथ अंदर डाला गया। पुलिस का मानना है कि कातिल को चोट लगे बगैर दरवाजा खुलना मुमकिन नहीं है। इसी के चलते पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए लोगों के हाथ भी देखे जा रहे हैं।
बदमाश मेन गेट से अंदर आए थे। इसके बाद जाली काटकर अंदर के कमरे का दरवाजा खोला था। इसके लिए जाली के कटे हिस्से से हाथ अंदर डाला गया। कई पुलिसकर्मियों ने इस सीन को दोहराने की कोशिश की, तो उनके हाथ पर चोट आ गई। जाली के कटने से दो-तीन इंच की जगह बनी है।
इस स्पेस में हाथ डालते ही जाली चुभ जाती है और खून तक निकलने लगता है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इसी आधार पर संदिग्ध लोगों के हाथ भी देखे जा रहे हैं। इसके अलावा पुलिस यह मालूम करने की कोशिश में लगी है कि घटना का क्रम क्या रहा? अभी तक यह सस्पेंस बना हुआ है।
फोरेंसिक एक्सपर्ट रिपोर्ट
फोरेंसिक एक्सपर्ट ने छह जगह से फिंगर प्रिंट लेने की कोशिश की लेकिन मिल पाए सिर्फ एक अलमारी पर। वो भी एक ही कातिल के।
सर्विलांस सेल की जांच
पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए मजदूरों और ठेकेदार के मोबाइल की लोेकेशन घटना के वक्त खंदारी की नहीं मिली है।
पुलिस की पूछताछ
अभी तक 30 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है लेकिन कोई ऐसी जानकारी नहीं मिली है जिससे खुलासे की उम्मीद बने।
मजदूरों के परिवारों का थाने में धरना
अवनीश ग्रोवर के घर में तीन महीने से निर्माण कार्य चल रहा था। इसमें लगे सभी छह मजदूरों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। इनमें से तोता का ताल के रहने वाले तीन मजदूरों के परिवारीजनों ने मंगलवार को थाना हरीपर्वत पर धरना दिया। उनका कहना था कि पुलिस बेकुसूरों को फंसाना चाहती है। उन्हें एसपी सिटी ने आश्वासन दिया कि पूछताछ के बाद तीनों को छोड़ दिया जाएगा। इस पर वे घर लौट गए।
सीसीटीवी फुटेज से मिल सकते हैं कातिलों के चेहरे
दंपति के कातिलों का सुराग लगाने में अभी तक पूरी तरह नाकाम रही पुलिस की उम्मीद अब सीसीटीवी फुटेज पर भी है। दंपति के घर से सटे एक्सिस इमेजिंग सेंटर के बाहर लगे सीसीटीवी के रिकार्डिंग सिस्टम की हार्ड डिस्क पुलिस ने कब्जे में ले ली है। लेकिन यह खराब पाई गई है। इससे डेटा रिकवरी के लिए आईटी एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है। इसके अलावा घर के बाहर बनी पांच दुकानों में से भी एक पर कैमरा लगा है लेकिन इसकी रेंज कम है। यह सिर्फ दुकान तक की तस्वीर कैद कर पाता है, सड़क की नहीं। घर के दूसरी तरफ एकदम सटकर एक्सिस इमेजिंग सेंटर है। इसके बाहर लगे दो कैमरों की रेंज सड़क तक है। पुलिस को उम्मीद थी कि इनकी रिकार्डिंग देखने पर कातिलों के चेहरे मिल सकते हैं लेकिन डीवीआर खराब पाई गई। आईटी एक्सपर्ट ने पुलिस को बताया कि हार्ड डिस्क से डेटा रिकवर किया जा सकता है। इसके प्रयास किए जा रहे हैं।
स्विच ऑफ कर दिया था मोबाइल
आगरा। दंपति के मोबाइल फोन भी लूटे गए थे। पुलिस ने इनके नंबर सर्विलांस पर लगवाए। इनकी लोकेशन भी निकलवाई। पता चला कि दोनों फोन की लोकेशन खंदारी टॉवर की आ रही है। माना जा रहा है कि कातिलों ने फोन लूटते ही स्विच ऑफ कर दिए थे। इन पर घटना के बाद से कोई कॉल रिसीव नहीं हुई। एक बार बंद करने के बाद इन्हें ऑन भी नहीं किया गया।