चौबेपुरा गांव के किसान विनोद बघेल की खुदकुशी ने सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं। उसकी फसल एक नहीं, तीन बार बर्बाद हुई। फिर भी उसे मुआवजा क्यों नहीं मिला? साल भर पहले कर्ज के चलते विनोद बघेल को अपनी तीन बीघा जमीन बेचनी पड़ी थी। परिजनों ने बताया कि उसने कर्ज लेकर आठ बीघा रकबे में आलू की फसल बोई थी। छह बीघा रकबे में गेहू की फसल खड़ी है। एचटी लाइन डाले जाने के दौरान आलू की फसल नष्ट होने से उसे सदमा लगा था। विनोद बघेल की पत्नी गंगाश्री के अलावा चार बच्चे कृष्ण 14 वर्ष, रिंकी 6 वर्ष, मोहिनी 5 वर्ष, अनुष्का 3 वर्ष की परवरिश का सवाल खड़ा हो गया है। वहीं एसडीएम बाह उमाशंकर ने बताया कि शुक्रवार को पावर ग्रिड के अधिकारी जांच को पहुंचेंगे।