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कैंट के होटल से पकड़े गए चार संदिग्ध युवक 

Tue, 27 Sep 2016 12:33 AM IST
कैंट के होटल से पकड़े गए चार संदिग्ध युवक 
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कैंट के होटल से पकड़े गए चार संदिग्ध युवक  - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कैंट रेलवे स्टेशन के पास स्थित होटल अग्रवाल पैलेस एंड रेस्टोरेंट से चार संदिग्ध युवक पकड़े गए हैं। माना जा रहा है कि वह आतंकी हो सकते हैं। उन्हें पकड़ने के लिए आई टीम ने खुद को सीबीआई बताया। टीम केे  पास एके-46, एके-56 और एमपी फाइव जैसे हथियार थे। ऑपरेशन के दौरान टीम के सभी सदस्य हथियार ताने रहे। चारों की गिरफ्तारी के साथ ही टीम होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर को भी अपने साथ ले गई।
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चारों युवक शनिवार की रात आए थे। इन्हें कमरा दिलाने के लिए एक और युवक आया था। वह कमरा दिलाकर चला गया। चारों युवक होटल के कमरा नंबर 206 में ठहरे थे। रजिस्टर में एंट्री क्रमांक 236 पर हुई। रात भर के लिए कमरा एक हजार रुपये में लिया था। चार में से दो ने अपनी आईडी दी।
इसके मुताबिक  इनमें से एक पश्चिमी बंगाल के दार्जलिंग के पानीटैंक के न्यू मार्केट का रहने वाला सुनील कुमार थापा। दूसरा, मिजोरम का जोसनजिआन छुकछुआन है। दोनों ने अपने मोबाइल नंबर दिए। आईडी में आधार कार्ड दिए।
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चारों रात में नौ बजे आए थे। सुबह नौ बजे जाने की बात कह रहे थे।  लेकिन रविवार सुबह साढ़े चार बजे सफेद रंग की दो इनोवा में बाहर से स्पेशल टीम पहुंच गई। इनमें से आठ - दस लोग निकले। हथियार लेकर होटल में पहुंचे। होटल के पास ही रहने वाले रविंद्र गोयल पर एके - 47 तान दी। इसके बाद कर्मचारी दिलीप को लेकर कमरा नंबर 206 में गए। चारों को पकड़ा और अपने साथ ले गए। होटल मालिक को धमकी दी कि इसका कहीं जिक्र मत करना। डीवीआर भी साथ में ले गए।
उधर, सोमवार रात करीब दस बजे इस कार्रवाई की चर्चा मार्केट में हुई। यहां से मीडिया तक पहुंची। इसके बाद लोकल पुलिस, एलआईयू, एटीएस और केंद्र की खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गईं। बता दें, पांच दिन पहले कैंट स्टेशन पर ही धमकी भरा खत मिला था। इसके बाद से पुलिस अलर्ट है। शहर भर में लगातार चेकिंग की जा रही है।

शहर के होटलों में ठहरते रहे हैं आतंकी
आगरा।कैंट के होटल से पकड़े गए चार संदिग्ध आतंकी हैं या कोई और यह तो अभी साफ नहीं हो सकता है लेकिन इससे पूर्व यहां कई आतंकी होटलों में ठहर चुके हैं। पिछले दिनों मेरठ एसटीएफ के हत्थे चढ़ा आईएसआई एजेंट मोहम्मद इजाज भी आगरा में ठहरा था। उसने ताजमहल के पास एक होटल में रात बिताई थी। यहां उससे मिलने के लिए एक महिला और एक पुरुष आया था। इजाज ने आगरा में रेकी की थी।
उसने ताजमहल का पूरा नक्शा तैयार किया। इसके बाद कैंट गया। यहां आर्मी एयरबेस की पूरी जानकारी ली। जब यमुना एक्सप्रेस वे से फाइटर प्लेन मिराज ने उड़ान भरी, तो इजाज ने इसका वीडियो शूट किया। उसके पास सब चीजें बरामद की गईं थी।
इससे पहले इंडियन मुजाहिदीन के दो आतंकी बालूगंज के एक होटल से पकड़े गए थे। इनके बेहद खतरनाक इरादे सामने आए थे। इनके साथी लखनऊ में पकड़े गए थे। तब से खुफिया एजेंसियों की नजर आगरा के होटलों पर भी रहती है। 
इनके अलावा यह जानकारी भी कई बार आ चुकी है कि यहां सिमी के मॉड्यूल्स सक्रिय हो रहे हैं। इसकी जांच खुफिया एजेंसियां कर रही हैं। आतंकियों और आईएसआई एजेंटों ने ठहरने के लिए कभी किसी फाइव स्टार होटल को नहीं चुना । हर बार छोटे होटलों में ठहरे हैं। अब चार संदिग्ध जिस होटल से पकड़े गए हैं, वे भी छोटे होटल में ही ठहरे थे।

आतंकियों के निशाने पर है आर्मी एयरबेस
आगरा। पिछले सप्ताह की केंद्र की खुफिया एजेंसियों ने आर्मी एयरबेस के लिए अलर्ट जारी किया था। इसमें आगरा के कैंट का भी नाम था। इससे पहले भी कई आईएसआई एजेंट से हुई पूछताछ में इस एयरफोर्स स्टेशन का नाम आ चुका है। इसके चलते यहां सुरक्षा के बेहद पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं।

संदिग्धों के साथी की तलाश में जुटीं खुफियां एजेंसियां
आगरा। कैंट के होटलों से चार संदिग्ध युवकों को कौन एजेंसी पकड़कर ले गई, यह तो पता नहीं चला लेकिन उनके साथी की तलाश में खुफिया एजेंसियां जुट गई हैं। स्थानीय पुलिस भी सक्रिय हो गईं। आधी रात को होटलों, धर्मशालाओं के अलावा रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर चेकिंग अभियान चलाया गया।
पुलिस को पहले से ही अलर्ट होने के लिए कहा गया है। दरअसल, पांच दिन पहले कैंट स्टेशन पर मिले धमकी भरे खत ने पुलिस और खुफिया एजेंसियों को टेंशन दी है। इस तरह के खत पहले भी मिलते रहे हैं लेकिन इस बार गंभीरता दिखाई गई है। कारण है कि खत में जनकपुरी में धमाकों की धमकी दी गई थी। जनकपुरी शहर का सबसे बड़ा आयोजन होता है।
इसमें लाखों लोग जुटते हैं। इसके चलते होटल से संदिग्धों की गिरफ्तारी को गंभीरता से लिया गया। खबर भले ही देर से मिली, लेकिन पता चलते ही अफसर सक्रिय हो गए। एटीएस के अधिकारी होटल में पहुंच गए। एलआईयू की टीम भी आ गई। पूरी जानकारी लेकर उस पांचवें युवक की तलाश शुरू हो गई जो चार संदिग्धों को कमरा दिलाने के लिए आया था।
उसने पूछा था कि दिल्ली के लिए बस ईदगाह से मिल जाएगी क्या? इस पर उसे बताया गया था, नहीं, यह आईएसबीटी से मिलेगी। वह आगरा की बोली में ही बात कर रहा था। इसके चलते माना जा रहा है कि वह लोकल हो सकता है। होटल मालिक और कर्मचारी से उसका हुलिया मालूम किया गया है। उसने अपना नाम नहीं बताया था।

हैंड्स अप , हिलना मत, वरना गोली मार दूंगा
आगरा। सुबह के साढ़े चार बजे हैं। होटल अग्रवाल पैलेस एंड रेस्तरां में सब सोए हैं। काउंटर पर मालिक रविंद्र गोयल बैठे जरूर हैं, पर बैठे ही सो रहे हैं। तभी बूटों की आवाज से नींद खुलती है। देखते हैं तो सामने आठ-दस लोग ऑटोमैटिक असलाह लिए खड़े हैं। कुछ समझ पाएं, इससे पहले ही एक ने चेतावनी दी है, हैंड्स अप, हिलना मत, वरना गोली मार दूंगा। रविंद्र ने हाथ ऊपर कर लिए, बहुत धीमी आवाज में बोला, भैया आप कौन हो और क्या चाहते हो।
तब एक नजदीक आकर बोला, किडनेप का मामला है, हम सीबीआई वाले हैं, जैसा कहें, वैसा करते जाओ, वरना तुम भी जेल जाओगे। रविंद्र के होश उड़ गए, पैरों तले जमीन खिसक गई। बोला, मुझे क्या करना है। जवाब मिला, रजिस्टर दिखाओ। इसमें वह नाम मिल गया, जिसकी तलाश में स्पेशल टीम आई थी। इसके बाद आईडी देखीं तो यकीन पक्का हो गया। रविंद्र से पूछा, कौन से कमरे में ठहरे हैं। उसने बताया 206 । इसके बाद कर्मचारी दिलीप को साथ लिया। उस पर भी एके - 47 तान दी। उसे 206 तक ले गए। वहां गेट पर तीन लोगों ने राइफलें तान दीं। फिर दिलीप ने कमरा खुलवाया। जैसे ही यह खुला, राइफलें ताने अंदर चले गए। यहां से चारों को पकड़ा और हाथ ऊपर करवाकर धीरे धीरे गाड़ी की तरफ ले गए। रविंद्र चुपचाप अपनी जगह खड़ा रहा। जाते हुए उससे पूछा, कैमरे की डीवीआर कहां है। उसने हाथ से इशारा किया। डीवीआर निकाली और हाथ में ले ली। रविंद्र ने कहा, इसे क्यों लो जा रहो। जवाब मिला, दो दिन बाद दे जाएंगे। कहीं कोई जिक्र नहीं करना।
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