मथुरा के राया कस्बा में व्यापारी का शव मिलने से सनसनी फैल गई। राया निवासी उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष के बड़े भाई व्यापारी दिलीप गर्ग दुकान बंद कर मथुरा लौट रहे थे। रास्ते में उनकी हत्या कर दी गई। उनका शव मथुरा मार्ग गांव गोसना के पास रेलवे ट्रैक के निकट पड़ा मिला। शनिवार देर रात पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।
कस्बा राया निवासी उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष आलोक अग्रवाल के बड़े भाई दिलीप गर्ग पुत्र स्व.रामगोपाल गर्ग मथुरा में रहते हैं। उनकी राया के कटरा बाजार में दिलीप जनरल स्टोर के नाम से दुकान है। दिवाली के मौके पर शनिवार को दिलीप दुकान का पूजन करने आए थे। इसके बाद दुकान बंद कर करीब नौ बजे मथुरा के लिए निकले थे। रात ग्यारह बजे तक दिलीप घर नहीं पहुंचे तो परिजनों को चिंता हुई।
परिजनों द्वारा रात में ही उनकी खोजबीन की गई। पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई। गांव गोसना पर रेलवे ट्रैक के निकट एक शव की सूचना पुलिस को मिली जिसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची। मृतक के गले में लाल रंग का दुपट्टा बंधा हुआ था और जेब में एटीएम कार्ड आदि बिखरे पड़े थे जिसके बाद परिजनों को सूचित किया गया। आशंका व्यक्त की जा रही है दिलीप की हत्या लूटपाट के इरादे से की गई है। सूचना पर सीओ सदर रमेश चन्द्र तिवारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया है।
गौरतलब है कि ढाई साल पहले भी दिलीप के बड़े भाई मथुरा निवासी चिकित्सक डॉ. संजीव अग्रवाल की धर्मपत्नी डॉ. खुशबू की घर में चाकू से गला काटकर हत्या कर दी गई थी।
व्यापारियों में आक्रोश
इस हत्याकांड से व्यापारियों में उबाल है। व्यापारियों से क्षेत्राधिकारी सदर रमेश कुमार ने बातचीत की। उन्होंने बताया कि मृतक व्यापारी की दुकान से लेकर हाथरस-मथुरा मार्ग चौराहे पर लगे सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए हैं। व्यापारियों को शीघ्र ही घटना का खुलासा करने का आश्वासन दिया है। इस दौरान अग्रवाल सभा के अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल, व्यापार मंडल के किशन कुमार सर्राफ, चन्द्रप्रकाश अग्रवाल, रमेश चन्द्र बजाज, मुन्नालाल अग्रवाल, संजय बजाज, मुकेश अग्रवाल, प्रवीन गर्ग, पवन अग्रवाल आदि व्यापारी मौजूद थे।