थाना एत्माद्दौला के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए स्वाट को भी लगाया गया था। तीन महीने पहले वह अपने एक रिश्तेदार से मिलने आया था। इस पर पुलिस ने घेराबंदी की थी। मगर, आरोपी फायरिंग करके भागने में सफल हो गया था।
रविवार को सूचना मिली कि फरार आरोपी शाहदरा की ओर आ रहा है। वह बिना नंबर की बाइक पर है। इस पर घेराबंदी की गई। इसके बाद आरोपी को पकड़ लिया गया। उसके पास से बिना नंबर की अपाचे, एक तमंचा और कारतूस बरामद किया। आरोपी के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला सहित सात मुकदमे दर्ज हैं।
रिश्तेदारों से नहीं करता था संपर्क
थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि आरोपी फरारी के बाद दिल्ली के मालवीय नगर चला गया था। यहां पर हलवाई का काम किया। इससे उसका खर्च चलता था। कुछ साल रुकने के बाद बिहार के समस्तीपुर चला गया। पत्नी को भी लेकर रहा। कई लोगों से जान पहचान बढ़ा ली। इस दौरान स्थानीय रामलीला में पात्रों की भूमिका निभाने लगा।
उससे रावण की भूमिका निभवाई जाती थी। कुछ साल पहले कासगंज के पटियाली में अपनी ससुराल आ गया। उसे पता था कि परिवार वालों और रिश्तेदारों के पास पुलिस जा रही है। इसलिए रिश्तेदारों से भी संपर्क नहीं करता था। उसे गिरफ्तार करने वाले पुलिस टीम में थाना प्रभारी सहित स्वाट प्रभारी राजकुमार गिरी, एसआई विनीत राणा, एसआई राहुल कुमार रहे।