घटिया आजम खां स्थित चारसू गेट इलाके में गुरुवार दोपहर को सार्वजनिक चबूतरे पर गोवर्धन की स्थापना करने पर सांप्रदायिक तनाव फैल गया। दोनों समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए। तनातनी बढ़ती देख अफसरों ने गोवर्धन को आननफानन हटवा दिया। विरोध पर पार्षद समेत पांच लोगों को हिरासत में ले लिया।
इलाके में पीएसी तैनात कर दी गई। सूचना पर भाजपा विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने समर्थकों के साथ थाना हरीपर्वत का घेराव कर हंगामा किया। एडीएम सिटी से बात करने के बाद पांच लोगों को छोड़ दिया गया।
शाम को अधिकारियों की सहमति के बाद चबूतरे के बगल में ठेल पर गोवर्धन महाराज की स्थापना कराई गई। पीएसी के साये में भंडारा हुआ।
चारसू गेट इलाके में वर्षों पुराना सार्वजनिक चबूतरा है। पुलिस ने बताया कि इलाके के शिव कुमार राजौरा आदि ने इस बार चबूतरे पर गोवर्धन पूजा कराने की बात कही थी।
बस्ती के लोग सुबह से ही पूजा और भंडारे की तैयारी में लगे थे। जानकारी पर दूसरे समुदाय के लोगों ने इसका विरोध किया। कहा कि चबूतरे पर मोहर्रम में ताजिए रखे जाते हैं। ये इमामबाड़े की जमीन है। विवाद बढ़ने पर प्रशिक्षु आईएएस नेहा जैन हरीपर्वत थाने की फोर्स के साथ पहुंची। समझाने बुझाने का दौर चल ही रहा था कि इसी बीच गोवर्धन की स्थापना कर दी गई। पूजा शुरू हो गई।
सूचना पर हिंदूवादी कार्यकर्ता अशोक गुप्ता, पार्षद मनोज राजौरा समेत अन्य लोग पहुंचे। उन्होंने बताया कि चबूतरा सार्वजनिक है। तभी दूसरे समुदाय के लोगों ने भी पन्नी गली और कोतवाली से अन्य लोगों को बुला लिया।
तनातनी बढ़ गई। टकराव की नौबत होने पर एडीएम सिटी राजेश श्रीवास्तव, एसपी सिटी आरके सिंह पीएसी के साथ आ गए। एडीएम सिटी ने कहा कि नई परंपरा शुरू नहीं करने दी जाएगी। विरोध बढ़ने पर पुलिस ने पार्षद, अशोक गुप्ता समेत पांच लोगों को हिरासत में ले लिया। लोगों को खदेड़ने के बाद गोवर्धन हटवा दिया। सीओ हरीपर्वत एके सिंह ने बताया कि शाम को भी कुछ लोगों ने चबूतरे पर पहुंचकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है। उन्हें चिह्नित करके मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
भाजपाइयों ने किया विरोध
आगरा। विधायक जगन प्रसाद गर्ग, ब्रजक्षेत्र कोषाध्यक्ष नवीन जैन, जिलाध्यक्ष अशोक राना, महानगर अध्यक्ष नागेंद्र प्रसाद दुबे गामा, रामकुमार शर्मा, अनिल चौधरी, अशोक कुलश्रेष्ठ, अरुण पाराशर, सुमित उपाध्याय, विहिप महानगर अध्यक्ष दीपक अग्रवाल, मंत्री राजीव शर्मा, कैलाश माहौर आदि ने थाने पर पहुंचकर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के सामने अपना विरोध दर्ज कराया।