आगरा में थाना शाहगंज स्थित नरीपुरा 12 बीघा में गुरुवार सुबह 50 गज के प्लाट पर कब्जे को लेकर दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। उनमें मारपीट के बाद पथराव हो गया।
इसमें छह से अधिक लोग घायल हो गए। सूचना पर कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ सीओ सदर उदयराज सिंह पहुंच गए। इस पर बवाली भाग खड़े हुए। वहीं दोनों पक्षों के 10 लोगों के खिलाफ शांति भंग में कार्रवाई की गई है।
नरीपुरा 12 बीघा में श्मशान घाट के पास तकरीबन 50 गज का प्लाट है। प्लाट में 85 वर्षीय रतन देवी पत्नी राम सिंह झोपड़ी डालकर रह रही हैं। रतन देवी का कहना है कि वह 35 साल से इसी प्लाट में रह रही हैं।
प्लाट उनके नाम पर है। तीन बेटियों की शादी यहीं से की है। बेटे सतीश और गुलाब मोहल्ले में अपने-अपने मकान में रहते हैं। छह साल पहले पति की मौत हो गई थी। तब से वह अकेली रह रही हैं।
महिला
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वहीं पूर्व पार्षद पप्पू उस्मानी का कहना है कि प्लाट उनके भाई इश्त्याक की पत्नी रजिया के नाम पर है। प्लाट शाहगंज में रहने वाले एक व्यक्ति से एक साल पहले खरीदा था। मगर, रतन देवी प्लाट से कब्जा नहीं हटा रही है।
गुरुवार सुबह 11 बजे इश्त्याक पक्ष के लोग आ गए। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि रतन देवी को जबरन निकालने का प्रयास किया गया। उसका सामान भी फेंक दिया गया। इस पर लोग जुट गए। इससे विवाद होने लगा। दोनों समुदाय के लोगों के आने पर मारपीट के बाद पथराव शुरू हो गया।
तकरीबन आधा घंटे तक ईंट पत्थर फिंकाई की गई। इससे मोहल्ले में अफरातफरी मच गई। लोगों ने घरों में छिपकर खुद को बचाया। सूचना पर पहुंची पुलिस को देखकर आरोपी भाग गए। सीओ सदर उदयराज सिंह ने बताया कि प्लाट से कब्जा हटाया जा रहा है।
दोनों पक्षों को कोर्ट से आदेश लेकर आने के लिए बोला गया है। इसके साथ ही दोनों पक्षों की ओर से तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्षों के दस लोगों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की गई है। उधर, घायलों में एक पक्ष के रजिया, मुवीना, सितारा, नुरजहां, फरदीन, दूसरे पक्ष की रतन देवी सहित अन्य हैं।