न्यू आगरा क्षेत्र से फाइनेंस कंपनी का मैनेजर लोगों से लाखों की धोखाधड़ी करके फरार हो गया। इस मामले में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के बेटे ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें आठ लोग नामजद किए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है।
मूलरूप से भाडई निवासी गजेंद्र फौजदार पुत्र किशोरी लाल दयालबाग स्थित प्रियंकापुरम में रहते हैं। किशोरी लाल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। गजेंद्र एक कंपनी मालिक हैं। उनकी मुलाकात अवधेशपुरी स्थित साईं अपार्टमेंट निवासी निरोत्तमदास तुलवानी से हुई। निरोत्तमदास ने खुद को एक फाइनेंस कंपनी का मैनेजर बताया। कहा कि वह बिल्डिंग बनाने का काम भी करता है। कुछ दिन बाद निरोत्तमदास और उसके अन्य परिवारीजनों ने पुत्री की शादी और दूसरी पुत्री के इलाज के लिए एक करोड़ रुपयों की जरूरत बताते हुए मदद मांगी। इस पर गजेंद्र ने 5-6 बार में निरोत्तमदास को तकरीबन 58 लाख रुपये दे दिए। गजेंद्र के अलावा भूपेंद्र से 20 लाख और लक्ष्मीनरायण से 15 लाख रुपये लिए थे। गजेंद्र ने थाना न्यू आगरा में दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया कि रुपये वापस मांगने पर वह आनाकानी करने लगा। एक नवंबर 2015 को घर बुलाकर रुपये वापस देने की बात कही। जब वह घर गए तो कई और लोग रुपये लेने के लिए आए थे। निरोत्तमदास ने रुपये तो वापस नहीं दिए, बल्कि सभी को अलग-अलग बैंकों के चेक थमा दिए। चेक कुछ दिन बाद बैंकों में जमा करके रकम निकालने को बोला।
गजेंद्र का कहना है कि बैंक में चेक लगाने से पहले ही अखबार में पढ़कर जानकारी हुई कि 28 नवंबर को निरोत्तम का अपहरण कर लिया गया है। इस पर जब वह पूछताछ के लिए उसके घर गए तो परिवारीजनों ने जान से मारने की धमकी दी। आरोप लगाया कि निरोत्तम का अपहरण नहीं हुआ है। वह रुपये हड़पने की नियत से रिश्तेदारों के यहां छिपा है। इस मामले में थाना न्यू आगरा में निरोत्तमदास, उसकी पत्नी सोनिया, भाई नानक सहित आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। निरोत्तमदास ने पूर्णिमा उपाध्याय से पांच लाख, चारू से दस लाख, प्रीतम वर्मा से सात लाख, नरायण दास लालवानी से 15 लाख, लालवानी के भतीजे से भी 15 लाख रुपये लिए हैं।