उस समय टोल शिफ्ट इंचार्ज सैय्यद नाजिम थे। उनके समर्थक और सुरक्षाकर्मियों ने सैय्यद नाजिम को पकड़ लिया। उनकी लाठी और डंडे से पिटाई की। कर्मचारी राजेश और अनुपम बचाने पहुंचे तो उनको पीटा। सांसद के एक सुरक्षाकर्मी ने फायरिंग कर दी।
इससे कर्मचारी जान बचाकर भागे। आरोप है कि सांसद ने भी कर्मचारियों को पीटा। इसके बाद सांसद का काफिला इटावा के लिए रवाना हो गया। टोलकर्मियों की सूचना पर पुलिस पहुंच गई।
बाद में एसपीआरए रवि कुमार ने मौके पर पहुंचकर घटना जानकारी ली। शिफ्ट इंचार्ज अनुपम सिंह (निवासी पृथ्वीपुर, थाना हंडिया, प्रयागराज) की तहरीर पर सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि रहनकलां मामले में टोल कर्मियों की तहरीर के आधार पर बलवा, मारपीट, जान से मारने की धमकी, आर्म्स एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घायलों का मेडिकल कराया गया है। वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है, जो भी लोग घटना में शामिल होंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सांसद डॉ रामशंकर कठेरिया ने कहा कि लाठी-डंडे से लैस चार-पांच लोगों ने मेरी गाड़ी रोक ली थी। सुरक्षाकर्मियों और इन लोगों के बीच कहासुनी हो रही थी। शोर सुनकर मैं भी अपनी गाड़ी से उतरकर आ गया। इस बीच कुछ लोगों ने मुझे भी घेरने की कोशिश की। उनके हाथ में डंडे और फावड़े थे। इस पर मेरे बचाव में सुरक्षाकर्मी ने हवाई फायर किया।