अलीगढ़ के रहने वाले पंकज जाट उर्फ भोला की फरारी के बाद पुलिस ने उसका पुराना रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है। भोला का नाम चार साल पहले शास्त्रीपुरम स्थित केनरा बैंक में हुई डकैती की घटना में सामने आया। इस मामले में भोला जिला जेल में भी रहा था। तब सिकंदरा थाने की पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। इस घटना के बाद श्रीधाम एक्सप्रेस कांड में भोला दूसरी बार सुर्खियों में आया। इस मामले में गिरफ्तारी के बाद मथुरा जेल में हरेंद्र राणा और वीनेश भी पहुंच गए थे। पुलिस की मानें तो हरेंद्र राणा से भोला जाट के साथ संबंध खराब होने की बात पुलिस को भ्रमित करने के लिए भी उड़ाई हो सकती है। चूंकि मथुरा जेल में रहने के दौरान दोनों के बीच में कभी तकरार होने की बात सामने नहीं आई। माना जा रहा है कि कहीं पंकज की फरारी में हरेंद्र राणा गैंग का हाथ तो नहीं है। हरेंद्र राणा गैंग का सदस्य सोहल्ला का बंटी यादव भी 28 अप्रैल को पोहप सिंह की हत्या करके फरार चल रहा है। भोला की फरारी में बंटी यादव और उसके गुर्गों का हाथ तो नहीं है। भोला की फरारी के पीछे कोई टारगेट तो नहीं है? इसे लेकर भी पुलिस टीम पड़ताल में जुट गई है। हालांकि अधिकारिक रूप से एसटीएफ ने इसकी पुष्टि नहीं की है। उधर, अरुण फौजी को मथुरा में पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाने में शामिल रहे भोला की फरारी के बाद भरतपुर जेल में बंद अरुण फौजी के मुलाकातियों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है।
मथुरा के जेलर को दी थी धमकी
पंकज जाट उर्फ भोला ने मथुरा जेल में बंद रहने के दौरान जेलर की सख्ती से परेशान होकर रिहाई के बाद जेलर को देख लेने की धमकी दी थी। अब भोला की फरारी के बाद मथुरा जेल के जेलर की सुरक्षा बढ़ाने की बात कही जा रही है।