लॉकडाउन में कालेज बंद होने पर घर आ गया था। पढ़ाई में अच्छा था। वहीं बेटी शुकृति फरीदाबाद की एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करती है। सोमवार शाम सात बजे राजेश बाजार गए थे। उनकी पत्नी अर्चना घर के सामने टहल रही थीं। बेटा शुभांकर घर में था।
तभी अर्चना को गोली की आवाज सुनाई पड़ी। वह घर में आ गईं। उन्होंने शुभांकर को देखा। इसके लिए छत पर गईं। मगर, जीने का गेट बंद था। काफी देर तक खटखटाने के बाद भी कोई आवाज नहीं आई। इस पर उन्होंने पड़ोस में रहने वाले रिश्तेदारों को सूचना दी।
वह अपनी कोठी की छत से गए। छत पर शुभांकर पड़ा हुआ था। वह खून से लथपथ था। इस पर उसे एसएन मेडिकल कालेज की इमरजेंसी लाए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी पर पुलिस आ गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थाना हरीपर्वत के एसएसआई राघवेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक के पिता राजेश शर्मा (पंडित) ने तहरीर दी है, जिसमें लिखा है कि बेटे ने उनकी लाइसेंसी रिवाल्वर से अपनी कनपटी पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली। वजह नहीं बताई। फोरेंसिक टीम मौके पर बुलाई थी। घर में तलाशी ली गई, लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
पिता का कहना था कि शुभांकर घर से बाहर नहीं जाता था। किसी से विवाद भी नहीं हुआ। ऐसा क्या हुआ, जो उसने यह कदम उठा लिया। पुलिस को छत पर बने शुभांकर के कमरे से मोबाइल और लैपटॉप मिला, जिसको कब्जे में लिया गया है। इनकी जांच की जाएगी।
पबजी खेलता था शुभांकर, फेसबुक प्रोफाइल की डिलीट
पुलिस ने शुभांकर के मोबाइल को चेक किया है। इसमें उसकी फेसबुक आईडी भी चलती थी। मगर, आईडी डिलीट मिली है। मोबाइल में नंबर भी थे। मगर, कान्टेक्ट लिस्ट से नंबर गायब मिले हैं। इससे आशंका है कि उसने आत्महत्या से पहले यह सब डिलीट कर दिए, जिससे उसके दोस्तों और संपर्क के लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं लग सके। इसके अलावा कॉल डिटेल भी नहीं मिली है।
पुलिस अब यह जानने का प्रयास कर रही है कि आखिरी बार शुभांकर की किसी से बात तो नहीं हुई। इसके लिए कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। परिजनों ने पुलिस को यह भी बताया कि शुभांकर जब से कॉलेज से आया, तब से मोबाइल चलाता रहता था। घर में पबजी खेलता रहता था। मगर, पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के पीछे पबजी नहीं हो सकता है। इसकी जांच की जा रही है।
मां के नहीं रुक रहे आंसू
बेटे शुभांकर की मौत से मां अर्चना बेहोश हो गईं। बाद में रिश्तेदारों ने किसी तरह उन्हें संभाला। वह रोये जा रही थीं। उनका कहना था कि बेटे ने खुद छोले बनवाए थे। शाम पांच बजे खाना खाने के बाद अपने कमरे में चला गया। वह किसी तरह के तनाव में भी नहीं था। बेटे ने यह क्यों किया?