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जयपुर हाउस में भी चेन लुटरों का खौफ

Thu, 31 Mar 2016 02:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
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लूट - फोटो : अमर उजाला
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आगरा जोन में कल एक अप्रैल से क्राइम की वेब बेस्ड मैपिंग शुरू होने जा रही है। इसमें हर घटना का ब्योरा गूगल पर दर्ज किया जाएगा। साथ ही अपराध के पिछले तीन सालों के नक्शे भी अपलोड किए जा रहे हैं। इसी के तहत शहर में चेन लूट को खास तौर से फोकस किया गया है।
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इसमें सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जयपुर हाउस जैसी अति सुरक्षित कही जाने वाली कॉलोनी में भी चेन स्नेचिंग की वारदात हो रही हैं। शहर के नक्शे पर ऐसी सभी जगहों को चिन्हित किया गया है जहां चेन लूट हो चुकी है। इनमें से दस जगह ऐसी निकली हैं जहां बार बार यह वारदात हो रही है।

डीआईजी अजय मोहन शर्मा ने खुद यह डाटा तैयार कराया है। इसे अब अपलोड किया जा रहा है। खास बात यह है कि इसमें उन घटनाओं को भी लिया गया है जो पुलिस रिकार्ड में दर्ज नहीं है। इसके लिए अखबारों में छपी चेन लूट की खबरों का सहारा लिया गया। बता दें, इस साल चेन स्नेचिंग की कम से कम 50 वारदात हो चुकी  हैं। बाइकर्स गैंग लगातार चेन लूट रहे हैं।
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--। यहां खतरा ज्यादा
- सदर में फतेहाबाद रोड
- सदर में ही माल रोड
- न्यू आगरा में कमला नगर
- न्यू आगरा में ही दयालबाग
- जगदीशपुरा में बोदला
- लोहामंडी में प्रताप नगर
- शाहगंज में कोठी मीनाबाजार
- सिकंदरा में आवास विकास
- हरीपर्वत में चर्च रोड
- हरीपर्वत में ही विजय नगर

मौके पर ही बनेगा नक्शा
गूगल क्राइम मैपिंग के लिए अब हर घटना पर पुलिस को मौकेपर ही नक्शा तैयार करना होगा। इसमें यह देखा जाएगा कि घटना किस क्षेत्र की किस दिशा में हुई है। इसे क्राइम मैप पर अपलोड किया जाएगा।

गश्त का प्लान बदलेगा
गूगल क्राइम मैपिंग से पुलिस की गश्त का प्लान भी बदल जाएगा। अब उस जगह पर ही गश्त की जाएगी, जहां वारदात ज्यादा हो रही हैं। इससे क्राइम कंट्रोल में मदद मिलेगी।

ज्यादा रास्ते, ज्यादा वारदात
पुलिस के अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि चेन लूट की घटनाएं उन जगहों पर ज्यादा हो रही हैं जहां से निकलने के कई रास्ते हैं। इससे लुटेरों को भागने में आसानी रहती है।

क्राइम मैपिंग के लिए तैयारी चल रही है। इसे एक अप्रैल से पूरे जोन में लागू किया जा रहा है। इससे क्राइम कंट्रोल में भी मदद मिलेगी - अजय मोहन शर्मा ( डीआईजी)
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