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बलवे में विहिप नेता सहित छह नामजद

Sun, 28 Feb 2016 02:05 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
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 विश्व हिंदू परिषद के महानगर उपाध्यक्ष अरुण माहौर की गुुरुवार सुबह की गई हत्या के विरोध में कलेक्ट्रेट तिराहे पर शुक्रवार को एक संप्रदाय का प्रतीकात्मक पुतला दहन करने के मामले में विहिप नेता सहित छह नामजद और 50-60 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें बलवा, मारपीट, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने सहित कई संगीन धराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश भी देना शुरू कर दिया है। पुलिस कभी भी उन्हेें गिरफ्तार कर सकती है।
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बता दें, शुक्रवार को पुलिस लाइन रोड पर विहिप नेता अरुण माहौर की उठावनी थी। पुलिस प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए थे। इस बीच विहिप नेता सहित अन्य ने कलेक्ट्रेट तिराहे पर एक संप्रदाय का प्रतीकात्मक पुतला फूंक दिया था। इससे शहर के अति संवेदनशील इलाकों में तनाव के हालात बन गए थे। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो काफी नोकझोंक की थी। इस दौरान एसपी ट्रैफिक आरके सिंह झुलसने से बाल-बाच बचे। इस मामले में एसओ नाई की मंडी उत्तम चंद पटेल ने मुकदमा लिखाया है। इसमें विहिप नेता दिग्विजय नाथ तिवारी (पूर्व महानगर सह संयोेजक), प्रांत सह संपर्क प्रमुख रवि दुबे, संक्रेश शर्मा, पप्पू ठाकुर (राजेश्वर नगर अध्यक्ष), बाबा डिश वाला नौमी जैन, विजय भदौरिया को नामजद किया है। वहीं 50-60 अज्ञात हैं। थानों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। उनकी कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है।  
यह लगाई गईं धाराएं
मुकदमे मेें 147, 341, 295-अ (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), 323, 332, 353 आईपीसी और सात क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट में कार्रवाई की गई है।
पुलिस के पास आठ फुटेज
पुलिस सूत्रों ने बताया कि कलेक्ट्रेट तिराहे पर हुए बलवे के मामले में पुलिस के पास आठ फुटेज हैं। इनमें मोबाइल की रिकॉर्डिंग और वीडियो फुटेज तक शामिल हैं। पुतला जलाने के दौरान कौन-कौन शामिल था? पुलिस को किसने रोका? इसके लिए सभी फुटेजाें को देखा जा रहा है। चेहरे पहचानकर मुकदमे में नामों को बढ़ाया जाएगा।  
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एक आरोपी का केबल नेटवर्क बंद
मुकदमे में नामजद नौमी जैन के पिता का बाबा डिश वाले के नाम से काम है। नौमी प्रदर्शन के दौरान सबसे आगे रहा था। पुलिस ने उसी पर शिकंजा कसा है। शनिवार को उसका केबल नेटवर्क बंद कर दिया गया। इसके साथ ही उसके पिता को भी पुलिस थाने ले आई। उन पर नौमी को थाने बुलाने का दबाव बनाया गया। हालांकि उन्होंने कह दिया, उनका बेटे से कोई नाता नहीं है। पुलिस ने उनसे शपथ पत्र मांगा। उसमें लिखकर देने को कहा गया कि उसका बेटे से कोई रिश्ता नहीं है। वह धार्मिक भावनाओं को भड़काने का काम कर रहा है। देर शाम तक उसके पिता से बातचीत चलती रही।
नामजदगी पर आधी रात तक मंत्रणा
मुकदमे में किसको नामजद करें और किसको नहीं? इस पर थाना नाई की मंडी में आधी रात तक अधिकारियों के बीच मंत्रणा होती रही। कैमरों के फुटेज भी देखे गए। कई के चेहरे पहचाने गए। मगर, मुकदमे में छह की ही नामजदगी की गई।
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