फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

1.70 करोड़ की धोखाधड़ी में टोल का ठेकेदार गिरफ्तार

Sun, 09 Aug 2015 02:22 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला अागरा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मथुरा के फरह स्थित टोल प्लाजा का ठेकेदार रामअवतार कुंतल और उसके भाई जगन्नाथ को थाना सिकंदरा पुलिस ने 1.70 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले मेें गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन


रोशन अपार्टमेंट, ताजनगरी फेस-प्रथम निवासी हेमलता शर्मा पत्नी रवि भारद्वाज शास्त्रीपुरम स्थित सेफवे टोलवेज प्राइवेट लिमिटेड में 40 प्रतिशत की शेयर होल्डर थीं। पांच-पांच प्रतिशत की हिस्सेदारी शशि प्रभा सिंह और विशाल शर्मा की थी। हेमलता ने बताया कि शास्त्रीपुरम के रामअवतार पुत्र द्वारिका प्रसाद कुंतल की कंपनी में 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। वह फरह स्थित टोल प्लाजा में ठेकेदार है। रामअवतार और उनका ज्वाइंट खाता कैलाशपुरी स्थित एक बैंक में है। कोई भी एक खातेदार अकेले चेक पर हस्ताक्षर करके रुपया नहीं निकाल सकता है। 16 मार्च, 2014 को उनके पति रवि का एक्सीडेंट हो गया था। वह दो महीने तक बेड रेस्ट पर रहे। आरोप है कि इसी बीच रामअवतार ने बैंक मैनेजर से सांठगांठ कर 25 लाख रुपये स्वयं निकाले और 30 लाख रुपये पिता और भाइयों जगन्नाथ व जितेंद्र के खाते में ट्रांसफर किए। यह रकम चेक पर उनके फर्जी हस्ताक्षर और बैंककर्मियों की मिलीभगत से निकाली गई थी।

 पैसा वापस मांगने पर टालमटोल करने लगा। 17 जनवरी 2015 को बैंक बुलाया। तब पता चला कि बैंक में चेक पर फर्जी हस्ताक्षर करके 15 लाख रुपये और अपने रिश्तेदार के खाते ट्रांसफर किए गए हैं। इसके बाद जान से मरवाने और बच्चों को उठाने की धमकी दी। हेमलता की 1.40 करोड़ रुपये की देनदारी निकल रही है। इसके अलावा मथुरा के रिफायनरी क्षेत्र के नरेंद्र से भी टोल कंपनी में हिस्सेदार बनाने के नाम पर 2012 में 30 लाख रुपये हड़प लिए। दस फरवरी को हेमलता ने मुकदमा दर्ज कराया था। इंस्पेक्टर सिंकदरा हरीमोहन सिंह ने बताया कि जांच के बाद शुक्रवार रात को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन


दस करोड़ की धोखाधड़ी का मामला
हेमलता के पति रवि के मुताबिक, रामअवतार टोल कंपनी में हिस्सेदार बनाने के नाम पर 30 से 40 लोगों के साथ ठगी कर चुका है। वह दस लाख से एक करोड़ रुपये हिस्सेदारी के नाम पर लेता है। इसके बाद खाते से फर्जी तरीके से रकम निकाल लेता है। अगर, जांच की जाए तो दस करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का मामला निकलेगा।

कुर्की के बाद भी रह रहा था घर में
जांच में मामला सही पाए जाने पर पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए। थाना सिकंदरा पुलिस ने कुर्की की कार्रवाई भी करा दी, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की जा सकी, जबकि वह अपने घर में ही रह रहा था। पुलिस ने उसे वहीं से गिरफ्तार किया।

सपा नेता को भी बनाया हिस्सेदार
रामअवतार ने एक सपा नेता को भी कंपनी में हिस्सेदार बनाया। इसके बाद नई कंपनी बना ली। पहली कंपनी के हिस्सेदारों को इसकी भनक तक नहीं लगने दी। धोखाधड़ी के शिकार लोगों ने जब उससे रुपये मांगे तो चेक थमा दिए, जो बैंक में डिसऑनर हो गए। इस मामले मेें दीवानी मेें वाद दर्ज कराए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें