उत्तर प्रदेश में पुलिस सराफा व्यापारियों की सुरक्षा का प्रयास कर रही है लेकिन सराफ राजेश वर्मा की हत्या और लूट की कहानी चौंकाने वाली है। घटना के खुलासे के दौरान एसपी ने बताया कि मैनपुरी का ही एक सराफ इस हत्याकांड में शामिल था। उसने ही लूट के माल को ठिकाने लगाने का काम किया।
शनिवार 17 मई को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान एसपी राजेश एस ने कहा कि घटना के खुलासे के लिए आईजी आगरा रेंज के निर्देश पर आसपास जिलों की पुलिस से भी मदद ली गई। इसके बाद पुलिस को पता चला कि मैनपुरी का ही सराफ वारदात में शामिल है।
पुलिस मैनपुरी में देव ज्वेलर्स नाम से सराफा का कारोबार करने वाले रामकुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। इस पर पुलिस की पूछताछ में रामकुमार टूट गया और उसने घटना के बाद लूट का माल खरीदने की की बात कबूल कर ली।
इसके बाद पुलिस ने रामकुमार की निशानदेही पर कोतवाली मैनपुरी क्षेत्र के ही गांव हरचंद पुर के रहने वाले छोटे और लालू को गिरफ्तार किया। इन दोनों ने घटना की बता कबूल कर ली। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने सराफ से लूटे गए माल में से 110 ग्राम सोना, 2 किलो चांदी के आभूषण, 35210 रुपये नगदी और एक मोटरसाइकिल बरामद कर ली। आरोपियों से 315 बोर का एक तमंचा और तीन कारतूस भी मिले हैं।