फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुर्लभ संयोग: खरीदारी के लिए बेहद शुभ 1 नवंबर, मकान की रजिस्ट्री या फिर नए निवेश; होगा लाभ ही लाभ

Sat, 31 Oct 2026 10:56 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

दिवाली और धनतेरस से पहले घर-परिवार में सुख, समृद्धि और स्थायित्व लाने के लिए खरीदारी की योजना बना रहे लोगों के लिए कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि एक स्वर्णिम अवसर लेकर आ रही है। 1 नवंबर यानि रविवार को नक्षत्रों के राजा 'पुष्य' का संचरण होने से इस पावन दिन पर 'रवि पुष्य नक्षत्र' का महासंयोग बन रहा है।
 
विज्ञापन
खरीदारी के लिए बेहद शुभ 1 नवंबर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सनातन शास्त्रीय नियमों के अनुसार, नवंबर की शुरुआत बड़ी खरीदारी के सप्ताह से होने वाली है। पांच को धनतेरस और छह को दिवाली से पहले 1 नवंबर को रवि पुष्य नक्षत्र बाजार पर धनवर्षा कराने वाला योग होगा। स्वास्थ्य, स्थिरता और समृद्धि के लिए माना जाने वाला ये दिन कार्तिक महीने और रविवार को होने से और भी खास होने वाला है।
विज्ञापन


 
Trending Videos

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा के अनुसार, इस बार 1 नवंबर को रवि पुष्य योग है जो अबूझ मुहूर्त है। यानी आपको किसी से कुछ पूछने की जरूरत नहीं रहेगी। सोना-चांदी, मशीन खरीदनी हों या घर में स्थिरता और समृद्धि लानी हो तो इसके लिए जो जरूरत हो उसे खरीद सकते हैं। मन में कोई संदेह न पालें। इसे सर्वार्थ सिद्धि योग का दिन कहा गया है। ज्वेलरी, संपत्ति, मंत्र-यंत्र की सिद्धि करनी हो तो भी ये दिन बेहद शुभ है। ज्योतिषाचार्य वेद प्रकाश प्रचेता के अनुसार, रवि पुष्य योग 1 नवंबर को सुबह 5:41 बजे रवि पुष्य नक्षत्र शुरू होगा, जो 2 नवंबर सुबह 4:30 बजे तक रहेगा। यानी पुष्य नक्षत्र में दो दिन खरीदारी का विशेष योग है। ऐसा योग दो साल बाद बन रहा है।

 

वहीं, सर्वार्थ सिद्धि योग 1 नवंबर सुबह 6:32 बजे से शुरू होकर 2 नवंबर सुबह 4:30 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:42 से 12:27 बजे तक तथा गोधूलि मुहूर्त शाम 05:36 बजे से 06:02 बजे तक रहेगा। इस योग में खरीदारी का उत्तम मुहूर्त है। इस नक्षत्र पर बृहस्पति, शनि और चंद्रमा का प्रभाव होता है।


 

विवाह के सामानों की खरीदारी भी फलदायी
कुलपति ने कहा कि पुष्य नक्षत्र में विवाह के लिए होने वाली खरीदारी भी अच्छी मानी जाती है। संस्कार का पालन नहीं करना है। बृहस्पतिवार और रविवार को पड़ने वाला पुष्य नक्षत्र खास माना जाता है। बृहस्पतिवार को ये नक्षत्र समझदारी के लिए काफी अच्छा हो जाता है। धार्मिक काम श्रेयस्कर होगा। बीएचयू के ज्योतिषाचार्य प्रो. विनय कुमार पांडेय के अनुसार, इस नक्षत्र में जरूरत के अनुसार खरीदारी हो तो ज्यादा लाभकारी होगा। सोना-चांदी, घर से लेकर उद्योगों के अधिग्रहण, टेंडर और खान खरीदना हो तो यह नक्षत्र उपयुक्त है।
 

शत-प्रतिशत फल की प्राप्ति होगी
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने बताया कि ज्योतिष में कुल 27 नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र विशेष है। इसका स्वामी शनि, राशि कर्क और राशि स्वामी चंद्रमा हैं। इसके देवता देवगुरु बृहस्पति माने जाते हैं। इनमें मंगल भावना से किए गए कोई भी कार्य में शत-प्रतिशत फल की प्राप्ति होती है। इसमें दान-पुण्य करना चाहिए और गुरु बृहस्पति को जप-तप करने से गुरु की कृपा बरसती है।
 
विज्ञापन

हर तरह की खरीदारी फलदायी
सोना या स्वर्ण आभूषण, चंद्रमा के प्रभाव से चांदी के सिक्के, आभूषण या नए बर्तन, शनिदेव के प्रभाव से वाहन, भूमि, मकान, प्लॉट या प्रॉपर्टी में निवेश, नए बही-खाते, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, धार्मिक पुस्तकें, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, देवी-देवताओं की मूर्तियां या घर का उपयोगी सामान भी खरीदा जा सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें