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हरेश पचौरी हत्याकांड: विष्णु ने दस लाख रुपये में दी थी सुपारी, सात घंटे की रिमांड पर मास्टरमाइंड ने उगले राज

Fri, 22 Jan 2021 12:09 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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आगरा: हरेश पचौरी का फाइल फोटो, सीसीटीवी से ली गई तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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थाना सदर के राजपुर चुंगी में दस्तावेज लेखक हरेश पचौरी की हत्या के आरोपी मास्टरमाइंड भानुप्रताप मुदगल उर्फ बीपी को पुलिस ने गुरुवार को कस्टडी रिमांड पर लिया। पूछताछ में आरोपी ने कई अहम राज उगले हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी की निशानदेही पर दो लाख रुपये बरामद किए हैं। विष्णु प्रकाश रावत ने दस लाख रुपये में बीपी को हत्या की सुपारी दी थी। इनमें से आठ लाख रुपये बीपी ने शूटर सचिन कंजा को दिए थे। दो लाख रुपये बचा लिए थे। बीपी से बरामद रकम यही है। 

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19 दिसंबर, 2020 को हरेश पचौरी की राजपुर चुंगी पर तीन गोली मारकर हत्या की गई थी। परिजनों ने भानु प्रताप मुदगल और विष्णु प्रकाश रावत सहित तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विष्णु प्रकाश रावत और उनके रिश्तेदार सोनू रावत को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस का दावा था कि हत्या के पीछे जमीनों का विवाद था। विष्णु रावत ने बीपी को सुपारी दी थी।

सोनू रावत ने हरेश पचौरी के घर की रेकी की थी। वह शूटर निबोहरा के सचिन कंजा को जानकारी देता रहा था। पुलिस ने शूटर की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी थी, लेकिन वह हाथ नहीं आ सका था। बीपी ने भी कोर्ट में एक अन्य मामले में समर्पण कर दिया था। उधर, शूटर का साथी आकाश हरियाणा में अवैध पिस्टल के साथ पकड़ा गया था। पुलिस शूटर को आज तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इससे परिजनों में आक्रोश है। 

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पूछताछ में बोला, विष्णु ने दिए थे दस लाख 
थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी भानुप्रताप को गुरुवार को सात घंटे की रिमांड पर लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि हरेश पचौरी से विष्णु प्रकाश रावत का विवाद चल रहा था। उनकी जमीनों को लेकर भानु प्रताप से भी रंजिश थी, दोनों एक हो गए। भानु प्रताप की देव काम्प्लैक्स में स्थित जिम में शूटर सचिन कंजा का आना-जाना था।

भानु ने विष्णु से हरेश पचौरी को रास्ते से हटाने के लिए दस लाख रुपये खर्च करने की बात की। विष्णु ने दस लाख रुपये दे दिए। इसमें से उसने आठ लाख रुपये सचिन को दे दिए। बाकी रकम उसे बाद में देने का आश्वासन दिया। बचे हुए दो लाख रुपये उसने जिम वाले कॉम्प्लेक्स में एक पिलर के पास छिपाए थे। 

इन जमीनों का विवाद 
- हरेश पचौरी ने बैंक कॉलोनी, शहीद नगर की जमीन के लिए 1.65 करोड़ रुपये दिए थे। रकम लेने के बाद विष्णु और भानु ने बैनामा नहीं किया था।
- गायत्री रिट्रीट में जमीन का सौदा हुआ था। विष्णु प्रकाश रावत ने साझीदारों के साथ समझौता किया था। हरेश पचौरी बीच में आ गए। वह समझौता कायम नहीं होने दे रहे थे। 
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साक्ष्य नहीं जुटा पा रही पुलिस 
- घटना वाले दिन सोनू और सचिन कंजा आपस में संपर्क में थे। मोबाइल से कॉल कर रहे थे। पुलिस मोबाइल बरामद नहीं कर सकी है। सिम फर्जी आईडी पर थे। 
- हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद नहीं हो सकी है। यह पिस्टल आरोपी सचिन कंजा के पकड़े जाने के बाद ही बरामद हो सकती है। 
- जमीनों से संबंधित दस्तावेज अभी पुलिस को नहीं मिले हैं, जिससे यह साबित हो सके कि कौन सी जमीन का विवाद था। 
- शूटर बाइक पर बैठकर आए थे। यह सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। पुलिस बाइक को अब तक बरामद नहीं कर सकी है। 
- परिजन भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि हत्याकांड में कई और शामिल हैं। उनके बारे में पता ही नहीं किया जा रहा है।
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