आगरा में कमला नगर की प्रोफेसर कालोनी में बुधवार रात को व्यवसायी अंकित अग्रवाल के घर से चोर 45 लाख के जेवरात और पांच लाख रुपये नगद चोरी कर ले गए। व्यवसायी नोटबंदी के दौरान बैंक लॉकर खोलकर जेवरात ले आए थे। पुलिस सुरक्षा का आलम यह है कि चोरी तब हुई जब कानून व्यवस्था की समीक्षा करने डीजीपी सुलखान सिंह शहर में थे। इस वारदात से पुलिस सुरक्षा के दावों की पोल खुल गई।
एफ-51, प्रोफेसर कालोनी निवासी अंकित अग्रवाल का नुनिहाई में एके हौजरी के नाम से रेडीमेड कपड़ों का व्यवसाय है। बुधवार रात ड्राइंग रूम के जंगले को तोड़कर चोर घर में घुस आए। स्टोर में रखी अलमारी का ताला तोड़कर जेवरात और नगदी ले गए। सुबह तकरीबन पांच बजे अंकित की मां प्रतिभा अग्रवाल टहलने चली गईं।
कुछ देर बाद अंकित की बेटी सान्या ने जीने का दरवाजा खुला देखकर चोरी की आशंका जाहिर की। इस पर परिवारीजनों को घटना की जानकारी हुई। सूचना पर थाना न्यू आगरा पुलिस पहुंच गई। पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने जांच की। अंकित ने बताया कि चोरी गए जेवरात पुश्तैनी थे। नवंबर में नोटबंदी के दौरान लॉकर से निकालकर घर में लाए थे। पुलिस ने कोठी के पास स्थित एक बैक, मिष्ठान भंडार के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज चेक किए हैं।
अंकित के पड़ोसी प्रोफेसर बाल किशन के घर की दीवार तीन फीट ऊंची है। चोर उनकी दीवार फांदकर ही आए। उनके घर की दीवार पर पैरों के निशान मिले। पुलिस को आशंका है कि चोरी रेकी करके की गई। क्योंकि चोरों ने सीधे स्टोर में ही चोरी की। इसके अलावा किसी कमरे में नहीं गए। उन्हें पता था कि जेवरात कहां पर रखे हैं। घटना से कालोनी के लोगों में दहशत हैं। कालोनी में दो गेट लगे हैं, जबकि एक तरफ गेट न होने से आवागमन रहता है। इसके अलावा गार्ड भी नहीं रहता है। इससे क्षेत्र में कई बार चोरी की वारदात हो चुकी हैं।