मैनपुरी। थाना बिछवां क्षेत्र के गांव करीमगंज निवासी युवक को वेगन-आर सवार बदमाशों ने सोमवार शाम को रेलवे स्टेशन के से अगवा कर लिया। रात करीब 2.30 बजे गांव के पास उसके हाथ-पैर बांधकर फेंक गए। जानकारी होने पर परिवारीजनों मौके पर पहुंच गए।
बाद में उन्होंने उसे जिला अस्पतल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई। परिवारीजनों ने तीन अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं पुलिस मामले को संदिग्ध मान रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी तरह के मारपीट का निशान तक नहीं मिला है।
करीमगंज गांव निवासी सचिन शर्मा सोमवार सुबह आगरा जाने के लिए गांव से टेंपो में बैठकर निकला था। परिवारीजनों के मुताबिक रेलवे स्टेशन के पास वह आगरा जाने के लिए एक वेगन-आर कार में बैठ गया। उसमें बैठे बदमाशों ने उसे अगवा कर लिया। रास्ते में उससे मारपीट के साथ ही एटीएम से 20 हजार की नकदी भी निकलवा ली।
जेब में रखे हजारों रुपये भी लूट लिए। शाम करीब 3.50 बजे सचिन ने परिवारीजनों को फोन कर बताया कि उसका अपहरण कर लिया गया है। घबराए परिवारीजन थाने पहुंच गए। वहां भी पुलिस से बात भी कराई। रात करीब 2.30 बजे परिवारीजनों फोन कर बताया कि बदमाश सचिन को गांव के समीप खेत में बांध कर डाल गए हैं।
परिवारीजनों ने गांव स्थित खेतों में तलाश की तो कुछ देर बाद सचिन मिल गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई पंकज ने थाने में तीन लोगों के विरुद्ध अगवा करने व हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पुलिस और पोस्टमार्टम रिपोर्ट परिवारीजनों की कहानी को सिरे से खारिज कर रही है। रेलवे स्टेशन से सचिन को अगवा किया गया। सचिन ने मोबाइल से ही परिवारीजनों से बात भी की। मगर मोबाइल लोकेशन का गांव के समीप ही मिलना घरवालों की इस बात को झुठला रही है। परिवारीजनों की ओर से मारपीट कर अधमरी हालत में हाथ-पैर बांध कर गांव करीमगंज के समीप फेंकने की बात भी कही गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मारपीट करने का जिक्र ही नहीं है। न हीं मौत चोटों की वजह से होना बताया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सचिन की मौत जहर खाने या खिलाने से हुई है। चिकित्सकों ने बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा है। पुलिस की अब तक की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अगवा किए जाने, मारपीट व लूटपाट की घटना को सिरे से खारिज कर रही है। घटना के पीछे की सच्चाई क्या है। इसका पता लगाने में पुलिस जुट गई है।
मैनपुरी। पुलिस जांच में पता चला है कि सचिन ने स्वास्थ्य विभाग में नौकरी के लिए किसी शख्स को 2.60 लाख रुपये दिए थे। सौदे के बारे में परिवारीजनों को भी जानकारी नहीं थी। नौकरी नहीं लगी तो सचिन ने कानपुर निवासी शख्स से रुपये वापस मांगे थे।
इसके बाद उसने आगरा के एसएन मेडिकल कालेज में वार्ड ब्वाय की नौकरी लगने की बात कही थी। सोमवार को उसे ज्वाइन करने के लिए आगरा बुलाया था। मगर वहां पहुंचने से पूर्व ही सचिन के साथ घटना हो गई। नौकरी के नाम पर रुपये लेने वाला शख्स कौन है। पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटा रही है।
एएसपी ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि परिवारीजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। प्रथम दृष्टयता मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। युवक के बताए अनुसार बदमाश उसे अगवा कर ले जा रहे थे, मगर उसकी लोकेशन गांव में ही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तथ्यों के आधार पर जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।