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दोबारा पोस्टमार्टम के सवाल पर बवाल

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घायल पुलिसकर्मी
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मैनपुरी। दन्नाहार थाने पर मंगलवार की शाम हुआ बवाल गुड्डू के शव का दोबारा पोस्टमार्टम से पुलिस के इनकार पर शुरू हुआ था। पुलिसकर्मियों ने विशेष अनुमति के बाद आगरा में पोस्टमार्टम संभव होने की बात कही तो आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस पर ही हत्यारोपी से मिले होने का आरोप लगाया। साथ ही पुलिस पर ही पोस्टमार्टम के बाद शव को नहर में फेंकने का आरोप भी लगाया। हालांकि पुलिस अधीक्षक शव का पोस्टमार्टम पहले जिले में कराए जाने की संभावना से भी इनकार कर रहे हैं।
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थाना दन्नाहार क्षेत्र में मंगलवार को हुए बवाल की नींव 19 जुलाई को ही रख गई थी। नगला आशा निवासी गुड्डू को थाना घिरोर क्षेत्र के गांव नायकूड़ निवासी पिंटू बाइक पर बैठाकर घिरोर ले गया था। वहां पत्नी से अवैध संबंधाें को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई। इस दौरान दोनों ने जमकर शराब भी पी रखी थी। जब गुड्डू ने पिंटू की पत्नी से संबंध विच्छेद करने से इंकार किया तो पिंटू ने उसे गांगसी नहर में धक्का मार दिया था। उसके बाद बाइक को भी गांगसी नहर में फेंक दिया था। यह खुलासा कुछ दिन पूर्व पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी पिंटू ने किया था। पुलिस ने कुछ देर तलाशी के बाद बाइक को तो गांगसी नहर से बरामद कर लिया था लेकिन गुड्डू का शव नहीं मिल सका था। इस बीच सोमवार शाम को बुझिया पुल पर एक अज्ञात शव क्षत विक्षत अवस्था में मिला।

गुड्डू के परिवारीजनों ने उस पर दावा करते हुए पोस्टमार्टम कराने की बात कही। मगर जब शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा तो चिकित्सक चौंक गए। उसका पहले ही पोस्टमार्टम हो चुका था। शरीर के अंग भी गायब थे। जिसके बाद चिकित्सक ने री-पोस्टमार्टम के लिए एसएन मेडिकल कालेज आगरा भेजने या डीएनए टेस्ट कराने की बात कही थी। शव के अंग गायब होने की बात सुनकर ही परिवारीजनों व ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। मंगलवार शाम को थाना दन्नाहार के सामने जाम लगा रहे लोग शव के दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग कर रहे थे। उनसे पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद चिकित्सक ने कह दिया था कि शव का पहले भी पोस्टमार्टम हो चुका है। ऐसे में हमारे यहां पोस्टमार्टम की सुविधा नहीं है।
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विशेष अनुमति पर शव का पोस्टमार्टम आगरा ही हो सकता है। इसके बाद जब सिपाहियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की तो उन्होंने एसओ पर ही हत्यारोपियों से मिले होने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। साथ ही कहा कि एसओ ने पीएम कराने के बाद शव हो परिवारीजनों को सौंपने के स्थान पर नहर में फेंक दिया है। ताकि केस कमजोर हो जाए। हालांकि एसपी राजेश एस का कहना है कि उक्त शव का पीएम हमारे जिले में ही नहीं हुआ है। ऐसे में सभी आरोप बेबुनियाद है।
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